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भोपाल। राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश, देश में आरटीई के तहत ऑनलाइन लॉटरी सिस्टम अपनाने वाला अग्रणी राज्य बन गया है। इस प्रक्रिया से लगभग 1 लाख 6 हजार 051 बच्चों को उनके मनपसंद के निजी विद्यालयों में निरूशुल्क प्रवेश मिला, वही शेष 72, 663 बच्चों को दूसरे चरण में प्रवेश मिलेगा। कुल बच्चों में से 91 हजार 543 ऐसे हैं, जिनको प्रथम वरीयता वाले स्कूल मिले हैं।
प्रवेश पाने वालों में 54 हजार 746 बालक एवं 51 हजार 305 बालिकाएं शामिल है। संचालक सिंह ने लॉटरी में चयनित बच्चों को उनकी पंसद का स्कूल आवंटित होने पर बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इससे पहले उन्होंने ऑनलाइन लॉटरी का बटन क्लिक किया। पूरी प्रक्रिया का सीधा प्रसारण राज्य शिक्षा केन्द्र के यूट्यूब चैनल पर हुआ। सिंह ने इस पारदर्शी ऑनलाइन व्यवस्था निर्मित करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग और मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्क्स डेवलेपमेंट कॉरपोरेशन टीम की भी प्रशंसा की।
शेष बच्चों को द्वितीय चरण में मिलेगा अवसर
सिंह ने बताया कि प्रथम चरण की लॉटरी में जिन 72,663 बच्चों को सीट आवंटन नहीं हुआ है, उन्हें शासन ने स्कूलवार रिक्त रही सीटों पर प्रवेश में द्वितीय अवसर मिलेगा। पोर्टल पर प्रदर्शित स्कूलों में रिक्त सीट्स के अनुसार अपनी वरीयता की प्रविष्ठि कर सकेंगे।
आज से 15 अप्रैल तक लेना होगा प्रवेश
उन्होंने बताया कि इन बच्चों को 3 अप्रैल से 15 अप्रैल के बीच प्रवेश लेना होगा। आरटीई के तहत दस्तावेज सत्यापन में 1 लाख 78 हजार 714 बच्चे पात्र हुए। इनमें से 1 लाख 6 हजार 051 बच्चों को उनके चयनित स्कूलों का आवंटन किया गया है। स्कूल आवंटन की सूचना उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस माध्यम से भेज दी गई। इन बच्चों की फीस सरकार द्वारा नियमानुसार सीधे स्कूल के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की जाएगी।
कक्षा नर्सरी, केजी और एक के बच्चे शामिल
इस लॉटरी में विभिन्न निजी स्कूलों की नर्सरी कक्षा में 66 हजार 219, केजी 1 में 31 हजार 970 और कक्षा पहली में 07 हजार 862 बच्चे शामिल है, जिनको निरूशुल्क प्रवेश के लिए सीटों का आवंटन हुआ है। स्कूल आवंटन में वरीयता को प्राथमिकता दी गई। प्रथम वरीयता में 91 हजार 543, दूसरी वरीयता में 7 हजार 496, तृतीय वरीयता में 03 हजार 580, चतुर्थ वरीयता में 01 हजार 245, पांचवी वरीयता में 874, छठवी में 501 सातवी में 315 आठवी में 221, नवी में 160 और दसवीं वरीयता में 116 बच्चों को उनकी पसंदीदा स्कूलों का आवंटन किया गया है।
छह श्रेणी के बच्चों को मिला प्रवेश
विभिन्न छह श्रेणियों के गरीबी रेखा से नीचे वाले परिवारों के लगभग 01 लाख 14 हजार से अधिक बच्चों के आवेदन लॉटरी प्रक्रिया में पात्र मिले हैं। इनमें से 1 लाख 6 हजार बच्चों को स्कूल आवंटन किया गया है।
श्रेणी कुल बच्चे पात्र बच्चे
बीपीएल 1,14,215 65,237
दिव्यांग - 71 71
वनग्राम के पट्टाधारी परिवार 106 68
एचआईवी पॉजिटिव परिवार 99 07
अनाथ बच्चे 10 10
कोविड में अनाथ हुए बच्चे 01 01
अनुसूचित जाति 49,127 30,582
अनुसूचित जनजाति 14,088 9,417
विमुक्त जाति 1,000 658
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