Download App

Latest News

ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026ः : लगातार 24वें मेजर के तीसरे राउंड में पहुंचीं वर्ल्ड नंबर 2 खिलाड़ी, ऐसा करने वाली बनी पहली महिला प्लेयरदुग्ध उत्पादकों के लिए खुशखबरी : मप्र में आकार ले रही पहली काॅपरेटिव सेक्टर की अत्याधुनिक प्रयोगशाला, उपभोक्ता करा सकेंगे दूध की जांच'एयरलिफ्ट' को 10 साल पूरे : ऐसी फिल्म जिसने याद दिलाया वो इतिहास, जिसे हम भूल गए थेकोई साधारण फल नहीं है सिंघाड़ा : बीपी और थायरॉइड की समस्या से निजात दिलाने में कारगरमैं कभी नहीं करता रेंज हिटिंग : कीवियों की कुटाई के बाद बोले अभिषेक, नेट सेशन में बनाता हूं योजना

दुग्ध उत्पादकों के लिए खुशखबरी : मप्र में आकार ले रही पहली काॅपरेटिव सेक्टर की अत्याधुनिक प्रयोगशाला, उपभोक्ता करा सकेंगे दूध की जांच

मप्र में आकार ले रही पहली काॅपरेटिव सेक्टर की अत्याधुनिक प्रयोगशाला, उपभोक्ता करा सकेंगे दूध की जांच
a

admin

Jan 22, 202603:08 PM

भोपाल। प्रदेश में पहली सहकारी क्षेत्र की अत्याधुनिक केन्द्रीय राज्य स्तरीय डेयरी परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल में स्थापित की जा रही है, जिसका अधिकांश निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। यह प्रयोगशाला केन्द्र सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग की नेशनल प्रोग्राम फॉर डेयरी डेवलपमेंट परियोजना के अंतर्गत स्वीकृत की गई है। मध्यप्रदेश राज्य में मध्यप्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन, भोपाल में सहकारिता क्षेत्र की यह पहली राज्य स्तरीय प्रयोगशाला होगी।

राज्य स्तरीय डेयरी परीक्षण प्रयोगशाला में आम उपभोक्ता भी दूध एवं दुग्ध उत्पादों की जांच करा सकेंगे। यदि आपके घर में आने वाले दूध या उससे बने उत्पादों में मिलावट की आशंका है, तो अब जांच के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, जहां आम उपभोक्ता के साथ देश एवं प्रदेश की खाद्य उत्पादक संस्थाएं भी दूध और दुग्ध उत्पादों का परीक्षण करा सकेंगी।

उपभोक्ताओं को मिलेगा शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पाद

परियोजना का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं की अपेक्षाओं के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाला दूध एवं दुग्ध उत्पाद उचित मूल्य पर उपलब्ध कराना तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। प्रदेश में अब तक दूध एवं दुग्ध उत्पादों की जांच एक बड़ी चुनौती रही है, जिसे ध्यान में रखते हुए यह अत्याधुनिक प्रयोगशाला स्थापित की जा रही है।

NABL और FSSAI से मान्यता प्राप्त होगी प्रयोगशाला

यह प्रयोगशाला केंद्र शासन के मार्गदर्शन एवं वित्तीय सहयोग से स्थापित की जा रही है, जिसे (नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज) तथा (भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) से मान्यता प्राप्त होगी।

अत्याधुनिक मशीनें स्थापित

प्रयोगशाला के निर्माण के लिये भारत सरकार द्वारा 12 करोड़ 40 लाख रुपये का अनुदान दिया गया है। इसके अंतर्गत अत्याधुनिक सात मशीनों की खरीदी पूरी हो चुकी है, जबकि शेष मशीनों, केमिकल्स एवं ग्लासवेयर की खरीदी प्रक्रिया जारी है। शीघ्र ही दूध एवं दुग्ध पदार्थों के परीक्षण का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

100 से अधिक मानकों पर होगा परीक्षण

राज्य स्तरीय केन्द्रीय प्रयोगशाला में अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से दूध एवं दुग्ध पदार्थों की 100 से अधिक मानकों पर जांच की जाएगी। इसमें पेस्टिसाइड्स, एंटीबायोटिक्स, हेवी मेटल्स, अफ्लाटॉक्सिन, वसा की शुद्धता, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट के साथ-साथ यूरिया, आयोडीन, माल्टोज, शुगर, नमक एवं अन्य प्रकार की मिलावटों की जांच शामिल होगी।

आम उपभोक्ता और खाद्य उत्पादक संस्थाओं को सीधा लाभ

इस प्रयोगशाला की सुविधा आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ देश की विभिन्न खाद्य उत्पादक संस्थाओं को भी उपलब्ध होगी। इसके स्थापित होने से दूध एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होगा, शुद्धता के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और प्रदेश के उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

Powered by Tomorrow.io

Advertisement

Ad

Related Post

Placeholder
दुग्ध उत्पादकों के लिए खुशखबरी : मप्र में आकार ले रही पहली काॅपरेटिव सेक्टर की अत्याधुनिक प्रयोगशाला, उपभोक्ता करा सकेंगे दूध की जांच