Download App

Latest News

दमोह : तेंदूखेड़ा में कुएं में महिला और तीन माह के मासूम का शव मिलने से फैली सनसनी, हादसा है या आत्महत्या में उलझली पुलिससीएम के हाथ से फिसल रही गृह विभाग की डोर : बेटियों की सुरक्षा को लेकर सिंघार का हमला, दावाः पांच साल में 55 हजार बालिकाएं हुई लापतासेहत : ब्रेन फॉग कहीं दिल की बीमारी का संकेत तो नहीं? जानें वैज्ञानिक कारणस्थापना दिवस पर योगी ने जनता को दिया संदेश : उदासीनता की बेड़ियों को तोड़ भारत के विकास का ग्रोथ इंजन बना यूपीमप्र में नहीं थम रही बाघों की मौत : रातापानी अभयारण्य में बाघिन का शव मिलने के बाद राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में किया खड़ा

मप्र में नहीं थम रही बाघों की मौत : रातापानी अभयारण्य में बाघिन का शव मिलने के बाद राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में किया खड़ा

रातापानी अभयारण्य में बाघिन का शव मिलने के बाद राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में किया खड़ा
a

admin

Jan 24, 202601:35 PM

भोपाल। मध्यप्रदेश में बाघों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। नर्मदापुरम के सोनतालई में बुधवार को एक बाघिन का शव मिलने के ठीक दूसरे दिन फिर बाघ का शव मिला। राजधानी से सटे रातापानी अभ्यारण के बुधनी वन परिक्षेत्र के भीमकोठी जंगल से आई इस बाघिन की संदिग्ध मौत ने राज्य में बाघों की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक बीते एक साल में 55 बाघों की मौत के मामले सामने आए हैं। साल 2025 में मृत बाघों की संख्या और कारणों के अनुसार इनमें 11 बाघों का जहां शिकार किया गया है। वहीं दूसरी ओर 6 बाघ अंग तस्करी के लिए मारे गए हैं। इनमें प्राकृतिक कारणों से 38 बाघों की मृत्यु हुई, जो कुल मौतों का 69 प्रतिशत है। इनमें आपसी संघर्ष, बीमारी, वृद्धावस्था, दुर्घटनाएं, और रेल और सड़क हादसे शामिल हैं। बता दें कि इसके पहले एक जनहित याचिका की की अगली सुनवाई के लिये 11 फरवरी का समय तय करते हुए में हाईकोर्ट जबलपुर सरकार को जबाव तलब भी कर चुका है।

माह भर में बांघवगढ़ में हुई चार घटनाएं तो रातापानी में दूसरी घटना

चालू साल के पहले महीने में बाघों की मौत का रातापानी के अभ्यारण्य का यह दूसरा मामला है। प्रारंभिक परीक्षण के बाद वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में बाघ के शव का पोस्टमार्टम किया गया। बाघ की संदिग्ध मौत बताई जा रही है। बाघ की मौत 24 से 36 घंटे पूर्व होने की पुष्टि हुई है। हालांकि बाघ के विसरा (नमूने) को सुरक्षित रखकर जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है या किसी अन्य संदिग्ध वजह से। इसी तरह बांधवगढ़ नेशनल पार्क में एक जनवरी से अब तक 4 बाघों की मौत हो चुकी है।

2022 की जनगणना में सबसे ज्यादा 785 बाघ एमपी में मिले

महत्वपूर्ण है कि केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2022 में कराई गई बाघ गणना के अनुसार देश में कुल 3,682 बाघ पाए गए हैं, जिनमें से 785 बाघ मध्य प्रदेश में दर्ज किए गए। यह संख्या देश में सर्वाधिक है। इसी के आधार पर मध्यप्रदेश को श्टाइगर स्टेट्य का दर्जा प्राप्त हुआ है।

Powered by Tomorrow.io

Advertisement

Ad

Related Post

Placeholder