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नई दिल्ली। भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को मानेकशॉ सेंटर में वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने उन्होंने देश की सुरक्षा स्थिति, सीमाओं पर हालात, आधुनिकीकरण और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से बात की। साथ ही पाकिस्तान की पोल खोलते हुए कहा कि आईबी और एलसी के सामने 8 आतंकी कैंप हैं। जिसमें ट्रेनिंग जैसी गतिविधि चल रही है। सेना की नजर है। अगर एक गलती की तो तुरंत सख्त एक्शन लिया जाएगा।
सेना प्रमुख ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना की कार्रवाई को लेकर अहम बयान दिया। उन्होंने सैन्य कार्रवाई- ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में भारत की तत्परता और रणनीतिक स्पष्टता को दिखाया है। देश की उत्तरी सीमा पर मौजूदा स्थिति के बारे में सेना प्रमुख ने कहा, फिलहाल हालात स्थिर बने हुए हैं लेकिन सुरक्षाबलों का निरंतर सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
पश्चिमी मोर्चा और ऑपरेशन सिंदूर
उन्होंने का कि पहलगाम हमले के बाद 22 मिनट में ऑपरेशन रीसेट रणनीति से कार्रवाई की गई। ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है। पाकिस्तान की कोई भी भविष्य की गलती का सख्त जवाब दिया जाएगा। जम्मू-कश्मीर में स्थिति संवेदनशील है, लेकिन नियंत्रण में है. पाकिस्तान की परमाणु धमकियों को भारत-चीन सीमा पर बेअसर कर दिया गया है।
चीनी सीमा पर भारत कितना सतर्क?
सेना प्रमुख ने चीन के साथ लगती सीमा पर बरते जाने वाले एहतियात को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने चीनी सीमा पर मौजूदा स्थिति को लेकर कहा, हमारी सैन्य तैनाती संतुलित और मजबूत बनी हुई है। जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तानी दहशतगर्दों के ठिकानों को नेस्तनाबूद करने वाली कार्रवाई के बारे में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को सटीकता से अंजाम दिया गया। बता दें कि भारतीय सेना ने बीते वर्ष 6-7 मई की दरम्यानी रात ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था। करीब 22 मिनट की इस कार्रवाई के दौरान नौ आतंकी ठिकानों पर स्ट्राइक की गई थी।
मणिपुर और पूर्वोत्तर की स्थिति
मणिपुर में स्थिति स्थिर हो रही है। सुरक्षा बलों और सरकार के समन्वित प्रयासों से सुधार हुआ है। म्यांमार में चुनाव खत्म होने के बाद भारत और म्यांमार की सेनाएं बेहतर तरीके से सहयोग कर सकेंगी. पूर्वोत्तर में कुल मिलाकर हालात सुधर रहे हैं।
आधुनिकीकरण पर फोकस
सेना का मुख्य ध्यान अब आधुनिकीकरण पर है। जनरल द्विवेदी ने कहा कि उन्नत ब्रह्मोस मिसाइल, बेहतर क्षमता वाले ड्रोन और लॉयटरिंग म्यूनिशन (घूमने वाली मिसाइलें) जल्द आने वाली हैं। 90 प्रतिशत से ज्यादा गोला-बारूद अब स्वदेशी बन रहा है।
अन्य महत्वपूर्ण बातें
सेना 2026 को नेटवर्किंग और डेटा सेंट्रिसिटी का वर्ष घोषित कर चुकी है, जिससे रियल-टाइम निर्णय और युद्ध क्षमता बढ़ेगी। सेना प्रमुख ने जोर दिया कि सेना स्वदेशी तकनीक, संयुक्तता और नवाचार पर काम कर रही है।
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