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नई दिल्ली। भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को दोपहर 12 बजे से मानेकशॉ सेंटर में वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस आर्मी डे (15 जनवरी) से पहले हुई, जिसमें उन्होंने देश की सुरक्षा स्थिति, सीमाओं पर हालात, आधुनिकीकरण और भविष्य की योजनाओं और आॅपरेशन सिंदूर पर विस्तार से बात की।
आर्मी चीफ ने जम्मू-कश्मीर को लेकर कहा कि यहां की स्थिति संवेदनशील है लेकिन पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में यहां 31 आतंकवादी मारे गए, जिनमें से 65 प्रतिशत पाकिस्तानी मूल के आतंकी थे। यहां मारे गए आतंकियों में पहलगाम हमले के तीनों मुख्य अपराधी भी शामिल हैं। ये आतंकी जम्मू कश्मीर में शुरू किए गए ऑपरेशन ‘महादेव’ में मारे गए थे। जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि जम्मू कश्मीर में अब स्थानीय सक्रिय आतंकवादी न के बराबर है। उन्होंने बताया कि इनकी संख्या अब एकल अंक (सिंगल डिजिट) में रह गई है। यहां आतंकवादी भर्ती लगभग समाप्त हो चुकी है।
सेनाध्यक्ष ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सकारात्मक बदलाव के ये स्पष्ट संकेत मिलते हैं। जम्मू कश्मीर में विकास गतिविधियां, पर्यटन का फिर से शुरू होना और शांतिपूर्ण श्री अमरनाथ यात्रा मजबूत सकारात्मक बदलावों को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि श्री अमरनाथ यात्रा में इस वर्ष 4 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री आए। जम्मू कश्मीर में टेररिज्म टू टूरिज्म की थीम धीरे-धीरे आकार ले रही है।
आॅपरेशन सिंदूर के दौरान ने दिखाई एक अलग सच्चाई
आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आपने देखा होगा कि पारंपरिक दायरे को बढ़ाने के लिए सेना की तैयारी ऐसी थी कि अगर पाकिस्तान कोई गलती करता, तो हम इसके लिए पूरी तरह से तैयार थे। उन्होंने कहा कि पहले के आकलन से ऐसा लगता था कि परंपरागत ऑपरेशन के लिए जगह कम हो रही है और अगर लड़ाई होती है तो ये सब-कन्वेंशनल से तेजी से न्यूक्लियर लेवल तक पहुंच सकते हैं। हालांकि,ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के जवाब ने जमीन पर एक अलग सच्चाई दिखाई।
100 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए
ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान कैजुअलिटी के बारे में बताते हुए आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, मुझे याद है, करीब 13 या 14 अगस्त को उन्होंने (पाकिस्तान) गलती से लगभग 150 लोगों की एक लिस्ट जारी की थी, जिसका हमने एनालिसिस किया, और फिर उन्होंने उसे वापस ले लिया। हमारे आकलन के अनुसार, उनमें से लगभग 100 लोग लाइन ऑफ कंट्रोल या आईबी और जेएंडके सेक्टर में फायरिंग में मारे गए थे। जहां तक फोर्स स्ट्रक्चर की बात है, मैं आपको बस इतना बताना चाहूंगा कि ड्रोन पहले से ही एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद, इस पहलू को काफी तेजी मिली है।
सेना अध्यक्ष ने मणिपुर का भी किया जिक्र
सेनाध्यक्ष ने यहां पूर्वोत्तर में, विशेष रूप से मणिपुर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की निष्पक्ष, पारदर्शी और निर्णायक कार्रवाई तथा सरकार की सक्रिय पहलों के कारण वर्ष 2025 में स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पूर्वोत्तर की प्रमुख उपलब्धियों में शांतिपूर्ण डुरंड कप का आयोजन शामिल हैं। यहां सामाजिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों जैसे कि शिरुई लिली और संगाई जैसे सांस्कृतिक उत्सवों की वापसी हुई।
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