Download App

Latest News

नर्मदा परिक्रमा पथ को बजट किया गया नजरअंदाज : नाथ ने खड़े किए सवाल, बताया दुर्भाग्यपूर्णबैंड बाजा और बेटियां के वीडियो ने छुआ स्मृति ईरानी का दिल : बेटियों पर लागू होने वाले शब्दों को जड़ से मिटाने की अपीलटी20 विश्व कप 2026 : पहले दौर में ही खुल गई इन 4 टीमों की पोल, ऑस्ट्रेलिया ने किया सबसे ज्यादा निराशकैलाश विजयवर्गीय : औकात वाले बयान पर मंत्री को नहीं गम, सीएम के माफी मांगने पर कही यह बात

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला : ट्रंप के टैरिफ को किया रद्द, राष्ट्रपति की आपात शक्तियों पर लगाई सीमा

ट्रंप के टैरिफ को किया रद्द, राष्ट्रपति की आपात शक्तियों पर लगाई सीमा
a

admin

Feb 20, 202610:12 PM

वॉशिंगटन। अमेरिका की सर्वोच्च अदालत ने एक ऐतिहासिक और दूरगामी असर वाले फैसले में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक वैश्विक टैरिफ को अवैध ठहराते हुए रद्द कर दिया है। 6-3 के बहुमत से दिए गए इस निर्णय को ट्रंप के आर्थिक एजेंडे के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि 1977 केइंटरनेशन इमरजेंसी इकोनॉमिक पॉवर एक्ट के तहत राष्ट्रपति को लगभग सभी व्यापारिक साझेदार देशों से आने वाले सामानों पर व्यापक आयात शुल्क लगाने का अधिकार नहीं है।

आपातकालीन शक्तियों की सीमा तय

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आईईईपीए का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े असाधारण हालात से निपटना है, न कि सामान्य व्यापार नीति तय करना। अदालत ने माना कि ट्रंप प्रशासन ने इस कानून की व्याख्या अत्यधिक विस्तार से की और उसे व्यापार युद्ध छेडऩे के औजार के रूप में इस्तेमाल किया। न्यायाधीशों ने कहा कि व्यापक पारस्परिक टैरिफ लगाना कांग्रेस के अधिकार क्षेत्र में आता है, न कि राष्ट्रपति के एकतरफा निर्णय से।

आर्थिक असर: अरबों डॉलर दांव पर

यह फैसला ऐसे समय आया है जब इन टैरिफ के कारण वैश्विक व्यापार में अस्थिरता देखी जा रही थी। अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, विवादित प्रावधानों के तहत 14 दिसंबर तक अमेरिकी सरकार लगभग 134 अरब डॉलर का शुल्क वसूल चुकी थी। ये टैरिफ खरबों डॉलर के आयात-निर्यात को प्रभावित कर रहे थे, जिससे व्यवसायों, आपूर्ति शृंखलाओं और उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ा। एक रिपोर्ट के मुताबिक, टैक्स फाउंडेशन के अनुमान बताते हैं कि ट्रंप के व्यापार युद्ध की नीतियों के कारण 2025 में प्रत्येक अमेरिकी परिवार को औसतन करीब 1,100 डॉलर का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से मुद्रास्फीति के दबाव में कुछ राहत मिल सकती है और बाजारों में स्थिरता लौटने की संभावना बढ़ेगी।

पहले मिला था अदालत का साथ

गौरतलब है कि पिछले एक वर्ष में सुप्रीम कोर्ट ने कई अंतरिम आदेशों में ट्रंप प्रशासन को राहत दी थी। इनमें ट्रांसजेंडर सैनिकों के सैन्य सेवा में शामिल होने पर प्रतिबंध, सरकारी एजेंसियों को संवेदनशील डेटा तक पहुंच देने और शिक्षा विभाग में कटौती जैसी नीतियों को कानूनी चुनौतियों के दौरान लागू रहने की अनुमति शामिल थी। ऐसे में यह फैसला प्रशासन के लिए असाधारण झटका माना जा रहा है।

वैश्विक संदेश और आगे की राह

यह निर्णय उस समय आया है जब अमेरिका और भारत हाल ही में पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते के लिए एक अंतरिम रूपरेखा पर सहमत हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत के इस फैसले से अमेरिकी व्यापार नीति में पारदर्शिता और संतुलन बढ़ेगा तथा भविष्य में राष्ट्रपति की आपातकालीन शक्तियों के उपयोग पर स्पष्ट सीमाएं तय होंगी। कानूनी विश्लेषकों के अनुसार, यह फैसला न केवल ट्रंप प्रशासन की नीतियों पर प्रभाव डालेगा, बल्कि आने वाले वर्षों में व्हाइट हाउस और कांग्रेस के बीच शक्तियों के संतुलन को भी नई दिशा देगा।

Powered by Tomorrow.io

Advertisement

Ad

Related Post

Placeholder
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला : ट्रंप के टैरिफ को किया रद्द, राष्ट्रपति की आपात शक्तियों पर लगाई सीमा