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पटना। बिहार राज्यसभा चुनाव 2026 के दिन राज्य की राजनीति में हलचल तब तेज हो गई, जब कांग्रेस के दो विधायक अचानक संपर्क से बाहर हो गए। विधानसभा में पांच सीटों के लिए वोटिंग होनी है, जहां महागठबंधन और एनडीए दोनों ही पांचवीं सीट पर जीत का दावा कर रहे हैं। इसी बीच कांग्रेस के फारबिसगंज विधायक मनोज बिश्वास और वाल्मीकिनगर विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा का मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिलने से राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
जानकारी के मुताबिक दोनों विधायक सुबह तक उस होटल में नहीं पहुंचे, जहां महागठबंधन के विधायकों को ठहराया गया था। इतना ही नहीं, सोमवार सुबह खबर अपडेट होने तक वे विधानसभा भी वोटिंग के लिए नहीं पहुंचे थे। इस कारण राजनीतिक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। एनडीए के कुछ नेताओं ने पहले ही दावा किया था कि विपक्ष के कुछ विधायक उनके संपर्क में हैं। ऐसे में दोनों विधायकों के अचानक ट्रेसलेस होने से क्रॉस वोटिंग या राजनीतिक पाला बदलने की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। हालांकि कांग्रेस की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीति में सक्रिय चेहरा माने जाते हैं मनोह बिश्वास
फारबिसगंज से विधायक मनोज बिश्वास सीमांचल क्षेत्र के अररिया जिले की राजनीति में सक्रिय चेहरा माने जाते हैं। उन्होंने 2009 में राजनीति में कदम रखा था और शुरुआत में उनका आधार नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड में रहा। 2010 में वे जदयू के प्रखंड युवा अध्यक्ष बने और 2017-18 में प्रदेश अति पिछड़ा सचिव भी रहे। बाद में 2019 में उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल का दामन थाम लिया और वहां अतिपिछड़ा प्रदेश महासचिव बने। 2025 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सदस्यता ली और फारबिसगंज सीट से मात्र 221 मतों के अंतर से जीत दर्ज कर विधायक बने।
सुरेन्द्र कुशवाहा 2024 में कांग्रेस में हुए थे शामिल
वहीं वाल्मीकिनगर सीट से विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने 2024 में कांग्रेस का दामन थामा था। इससे पहले वे राष्ट्रीय लोक समता पार्टी से जुड़े रहे, जिसका नेतृत्व उपेंद्र कुशवाहा करते थे। 2015 के विधानसभा चुनाव में वे इसी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े थे, लेकिन तीसरे स्थान पर रहे थे। 2025 के चुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में 1675 मतों से जीत हासिल की।
बिहार की राजनीति में चर्चाएं शुरू
फिलहाल दोनों विधायकों के संपर्क से बाहर होने को लेकर बिहार की राजनीति में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान अक्सर क्रॉस वोटिंग और राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना बनी रहती है। ऐसे में इस घटना ने राज्य की सियासत को और गर्म कर दिया है।
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