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नई दिल्ली-भोपाल। मप्र कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है। दिल्ली की कोर्ट ने दतिया से विधायक राजेंद्र भारती को सहकारी बैंक से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुना दी है। बता दें कि बुधवार को उन्हें 420 और धोखाधड़ी के केस में तिहाड़ जेल भेजा गया था। वहीं कोर्ट ने गुरुवार को उन्हें 3 साल की सजा सुना दी है। हालांकि एमपीएमएलए कोर्ट से भारती को जमानत भी मिल गई है।
बता दें कि 27 साल पुराने एफडी हेराफेरी मामले में दोषी करार दिया है। उन्हें आपराधिक साजिश (धारा 120बी) और धोखाधड़ी व जालसाजी (धारा 420, 467, 468, 471) में दोषी माना गया है। सह-आरोपी बैंक लिपिक रघुवीर प्रजापति को भी दोषी ठहराया गया है।
कोर्ट ने दो धाराओं में सुनाई सजा
कोर्ट ने दो धाराओं में 3-3 साल और एक धारा में 2 साल की सजा सुनाई है। इससे उनकी विधायकी पर खतरा बना हुआ है। वरिष्ठ वकीलों के अनुसार अपील के लिए उन्हें 60 दिन मिलेंगे। यदि हाईकोर्ट से सजा पर स्थगन (स्टे) मिल जाता है, तो उनकी विधायकी बरकरार रह सकती है। फिलहाल उनकी सदस्यता पर संकट बना हुआ है।
नरोत्तम को हराकर बटोरी थी सुर्खियां
राजेंद्र भारती कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे हैं और वह तीन बार दतिया से विधायक रह चुके हैं. साल 2023 में उन्होंने तत्कालीन गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराकर सुर्खियां बटोरी थीं। उन्हें राजनीति विरासत मिली है। उनके पिता श्याम सुंदर श्याम भी कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे हैं। साल 1998 से 2001 की अवधि में बैंक (जिला सहकारी ग्रामीण विकास बैंक दतिया) के संचालक मण्डल के अध्यक्ष आरोपी राजेंद्र भारती थे।
बैंक और संस्था दोनों में राजेन्द्र का हित था निहित
यह भी उल्लेखनीय है कि एफडी किए जाने की अवधि में श्याम सुंदर श्याम जनसहयोग एवं समुदायिक विकास संस्थान दतिया के बोर्ड ऑफ ट्रस्टी के सदस्य भी आरोपी राजेंद्र भारती थे.।ऐसे में बैंक और संस्थान दोनों जगह आरोपी राजेंद्र का स्वयं का हित निहित था।
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