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नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस समारोह में वायुसेना का फ्लाई पास्ट इस बार बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। वायुसेना के फाइटर जेट फ्लाई पास्ट के दौरान आसमान में ‘सिंदूर’ फॉर्मेशन बनाएंगे। इस फॉर्मेशन में 2 राफेल, 2 मिग 29, दो सुखोई-30 और एक जैगुआर विमान नजर आएगा।
भारतीय सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत बीते साल पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया था। आतंकी ठिकानों को नष्ट करने वाले ये भारतीय लड़ाकू विमान अब इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड के अवसर पर उड़ान भरने जा रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर के तहत इन भारतीय लड़ाकू विमानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
कर्तव्य पथ पर नजर आएंगे 29 विमान
भारतीय वायुसेना के मुताबिक, 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर वायुसेना के कुल 29 विमान कर्तव्य पथ के ऊपर आसमान में नजर आएंगे। इनमें 16 फाइटर जेट, 4 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और 9 हेलीकॉप्टर शामिल हैं। 26 जनवरी को फ्लाई पास्ट में भारतीय वायुसेना के चार एमआई-17 हेलीकॉप्टर ध्वज फॉर्मेशन में नजर आएंगे। ये हेलीकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज, आर्मी, नेवी और भारतीय वायुसेना के ध्वज लहराते हुए नजर आएंगे। इसके अलावा वायुसेना के फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट जेट व हेलिकॉप्टर गणतंत्र दिवस समारोह में प्रहार, गरुड़ अर्जन, वरुणा, वजरंग और विजय फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे।
वायुसेना करेगी प्रभावी प्रदर्शन
गणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय समारोह में भारतीय वायुसेना अनुशासन, नेतृत्व और पेशेवर उत्कृष्टता का प्रभावशाली प्रदर्शन करेगी। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से लेकर कर्तव्य पथ पर होने वाली भव्य परेड तक, वायुसेना के अधिकारी एवं बैंड महत्वपूर्ण भूमिकाओं में उपस्थित रहेंगे। 26 जनवरी को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर आयोजित होने वाले श्रद्धांजलि समारोह में स्क्वाड्रन लीडर हेमंत सिंह कन्यार गार्ड ऑफ ऑनर के कमांडर रहेंगे। उनकी देखरेख में वायुसेना का दल सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को सम्मानपूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित करेगा।
जिम्मेदारी निभाएंगी फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता ढांकर
गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता ढांकर कर्तव्य पथ पर ध्वजारोहण से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाएंगी। यह अवसर युवा नेतृत्व और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक होगा। वहीं, स्क्वाड्रन लीडर जगदेश कुमार के नेतृत्व में भारतीय वायुसेना का मार्चिंग कॉन्टिन्जेंट 26 जनवरी को कर्तव्य पथ से गुजरेगा और सटीक कदमताल एवं अनुशासन का प्रदर्शन करेगा। गणतंत्र दिवस 2026 ‘वंदे मातरम’ के गौरवशाली 150 वर्षों को समर्पित रहेगा। भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ की स्पष्ट व प्रभावी छाप दिखाई देगी।
वायुसेना के बैंड इससे जुड़ी धुनें बजाते हुए दिखाई देंगे। परेड में विभिन्न सर्विसिस की कुल 18 मार्चिंग टुकड़ियां और 13 बैंड शामिल रहेंगे। परेड के तुरंत बाद वायुसेना के फ्लाई पास्ट में राफेल, सुखोई-30, सी-295, मिग-29, अपाचे, एलसीएच, एएलएच, एमआई-17 जैसे विमान व हेलीकॉप्टर शामिल रहेंगे। गणतंत्र दिवस परेड में तीनों सेनाओं के स्वदेशी उपकरण एवं हथियार भी प्रदर्शित किए जाएंगे। गणतंत्र दिवस परेड 2026 की शुरुआत 100 सांस्कृतिक कलाकारों द्वारा पारंपरिक युद्ध-संगीत के साथ की जाएगी।
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