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भोपाल। मध्य प्रदेश में आने वाले दिनों में सत्ता और संगठन दोनों स्तरों पर बड़े पैमाने पर नियुक्तियां होने की संभावना है। जिला स्तर से लेकर प्रदेश कार्यसमिति, निगम, मंडल, आयोग और बोर्ड तक राजनीतिक संतुलन साधने की कवायद तेज हो गई है। इसे लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से मुला$कात की। नियुक्तियों को लेकर बीच लगातार मंथन और बैठकों का दौर जारी है।
सूत्रों के मुताबिक, पहले सीमित संख्या में प्राधिकरणों और निगमों के लिए प्रस्तावित सूची भेजी गई थी, लेकिन केंद्रीय संगठन ने सभी खाली पदों के लिए एक समग्र सूची तैयार कर भेजने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद अब नए सिरे से पूरी प्रक्रिया शुरू की गई है। राष्ट्रीय संगठन में हालिया बदलावों के बाद, प्रदेश से कुछ नेताओं को राष्ट्रीय स्तर की टीम में समायोजित किए जाने की भी चर्चा है। वहीं राज्य स्तर पर निगम, मंडल और प्राधिकरणों में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर बड़े शहरों में विशेष फोकस रखा गया है।
राजनीतिक नियुक्तियों में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए ग्वालियर-चंबल, मालवा, महाकौशल और बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व दिए जाने की रणनीति बनाई जा रही है। सूत्र बताते हैं कि केंद्रीय नेताओं के प्रभाव वाले क्षेत्रों में उनकी पसंद को भी तवज्जो दी जाएगी, ताकि संगठनात्मक संतुलन बना रहे। इसके अलावा, विधानसभा चुनाव में कम अंतर से हारने वाले नेताओं को भी एडजस्ट करने की तैयारी है।
इन नेताओं को मंत्री का दर्जा दिए जाने की संभावना
इनमें विशेष रूप से जनजातीय वर्ग से आने वाले नेताओं को मंत्री स्तर का दर्जा दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसके लिए जिलों से संबंधित नेताओं की खुफिया रिपोर्ट भी मंगाई गई है। सूत्रों का कहना है कि नियुक्तियों में संगठनात्मक पृष्ठभूमि, संघ विचारधारा से जुड़ाव और प्रदेश नेतृत्व की पसंद को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही केंद्रीय नेतृत्व की अंतिम मंजूरी के बाद सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा।
वरिष्ठ सांसद को केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि प्रदेश से एक वरिष्ठ सांसद को केंद्र सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है, जिससे राज्य की राजनीति में नया समीकरण बन सकता है। कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में राजनीतिक एडजस्टमेंट की प्रक्रिया निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है और माना जा रहा है कि आने वाले समय में निगम-मंडलों और संगठन में ताबड़तोड़ नियुक्तियों की घोषणा हो सकती है।
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