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भोपाल। मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद, जिसमें बसंत पंचमी पर हिंदू पूजा और मुस्लिम नमाज दोनों की अनुमति दी गई है। हिन्दू जहां सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक मां वाग्देवी (सरस्वती) अखंड पूजा-अर्चना करेंगे, तो वहीं मुस्लिम समुदाय को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक अनुमति दी गई है। इस बीच भोजशाला विवाद पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने बड़ा बयान दिया है।
विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा, ‘मुसलमानों को समझना चाहिए कि जहां देवी का मंदिर है, वहां तुम्हारी इबादत कैसे स्वीकार होगी? भारत के सनातनियों की यह मांग थी, है और सदा रहेगी कि जहां वाग्देवी बैठी हैं, उस स्थल पर पूजा होने दो।’ उन्होंने आगे कहा कि मुसलमान खुद मानते हैं कि जिस मंदिर में भगवान विराजमान हों, वहां उनकी इबादत स्वीकार नहीं होती। इसलिए राजनीति से प्रेरित होकर नहीं, बल्कि समझदारी और सद्भावना से हिंदुओं के साथ मिलकर भोजशाला में पूजन की अनुमति देनी चाहिए।
राजा भोज द्वारा बनाई गई भोजशाला
शर्मा ने याद दिलाया कि भोजशाला राजा भोज द्वारा बनाई गई है, जहां उन्होंने विद्या की देवी मां सरस्वती का मंदिर स्थापित किया था। ‘विद्या की देवी की सबको आरती-पूजा करने दो, अनावश्यक विवाद न करो।’ उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय से बार-बार प्रार्थना करेंगे, लोकतंत्र की चैखट पर भी जाएंगे, लेकिन मां जगत जननी देवी सरस्वती की निरंतर पूजा-अराधना होने देंगे। शर्मा का यह बयान ऐसे समय आया है जब सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों के लिए अलग-अलग समय पर पूजा और नमाज की व्यवस्था की है।
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