Download App

Latest News

आईसीसी टी-20 रैंकिंग : न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजों का दिखा जलवा, बल्लेबाजों की लिस्ट में अभिषेक शीर्ष पर कायमएलपीजी रिफिल बुकिंग के नहीं बदले नियम : सरकार ने दावों को बताया भ्रामक, कहा- अफवाहों पर न करें विश्वासsehat : वजन कंट्रोल से लेकर हड्डियों तक को मजबूत बनाता है मखाना वाला दूध, जानिए इसके फायदेसौम्या टंडन : धुरंधर की सफलता के बाद अब बादशाह की सवारी करेंगी अभिनेत्री, शुरू की घुड़सवारी की ट्रेनिंगसमाज की कुरीतियों को आईना दिखाती 'चिरैया' : अंजना सिंह ने की जमकर तारीफ

अंकिता भंडारी हत्याकांड : सीबीआई ने अपने हाथ में ली जांच, 'अनजान वीआईपी' के खिलाफ केस दर्ज किया

सीबीआई ने अपने हाथ में ली जांच, 'अनजान वीआईपी' के खिलाफ केस दर्ज किया
a

admin

Feb 03, 202603:09 PM

नई दिल्ली । उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी मर्डर केस की जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने अपने हाथ में ले ली है। साथ ही, इस मामले में दिल्ली स्थित स्पेशल क्राइम ब्रांच ने एक वीआईपी के खिलाफ केस दर्ज किया है।

सीबीआई की टीम के दो सदस्य सोमवार देर रात उत्तराखंड पहुंचे ताकि लड़की की हत्या से जुड़े कथित वीआईपी एंगल की डिटेल में जांच कर सकें। यह केस उस वक्त फिर से सुर्खियों में आया जब भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उनकी कथित पत्नी उर्मिला सनावर से जुड़े वायरल ऑडियो क्लिप और वीडियो सामने आए।

एक फेसबुक लाइव के दौरान, सनावर ने हत्या में एक वीआईपी के कथित तौर पर शामिल होने का जिक्र किया, जिससे नया विवाद और पब्लिक में बहस शुरू हो गई। इन घटनाओं से राजनीतिक तनाव बढ़ गया और विपक्षी पार्टियों और कई संगठनों ने मामले की सीबीआई जांच की मांग फिर से शुरू कर दी।

बढ़ते दबाव और लोगों की चिंताओं को दूर करने के लिए, उत्तराखंड सरकार ने ट्रांसपेरेंसी सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए और 9 जनवरी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की। सरकार ने दोहराया कि किसी भी व्यक्ति को, चाहे वह किसी भी रसूख या पद पर हो, कानून से बचने नहीं दिया जाएगा और ज़ोर दिया कि पूरा सच सामने लाना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

बता दें कि 19 साल की रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या से 2022 में पूरे उत्तराखंड में बहुत गुस्सा फैल गया। अंकिता भंडारी 18 सितंबर, 2022 को वनतंत्र रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम कर रही थीं, जब उनकी हत्या कर दी गई। उनकी बॉडी चिल्ला शक्ति नहर में फेंक दी गई और लगभग एक हफ्ते बाद मिली थी।

स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम द्वारा पूरी जांच के बाद, मामले में 500 पेज की चार्जशीट फाइल की गई, जिसमें 97 गवाहों के नाम थे, जिनमें से 47 ने कोर्ट के सामने गवाही दी। इस मामले में अदालत ने मुख्य आरोपी वनतंत्रा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्या, साथ ही सह-आरोपी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई। पुलकित आर्या को हत्या, सबूतों से छेड़छाड़, उत्पीड़न और अनैतिक तस्करी सहित कई गंभीर आरोपों के तहत दोषी पाया गया।

Powered by Tomorrow.io

Advertisement

Ad

Related Post

Placeholder