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प्रिशिता शर्मा
हर मनोकामनाएं पूरी करते हैं ‘छींद वाले दादाजी’। हनुमान जन्मोत्सव पर जानिए इस चमत्कारी हनुमान मंदिर की महिमा, जहां चमत्कार के जीते-जागते अनुभव होते हैं।
शक्ति और नम्रता के प्रतीक-ज्ञान और साहस की मिसाल जिन्होंने बाल्यकाल में सूर्य को फल समझकर निगल लिया और फिर जीवन भर प्रभु श्रीराम और माता जानकी को हृदय में बसाकर उनके परम भक्त बने रहे अंजनी के लाल वायु पुत्र संकटमोचन हनुमान आज हम आपको उनके जन्मोत्सव पर लेकर चलते हैं एक ऐसे चमत्कारी धाम में जहां आस्था के साथ-साथ चमत्कार भी देखने को मिलते हैं छींद धाम।
दक्षिणमुखी हनुमान का चमत्कारी मंदिर छींद धाम
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से करीब 130 किलोमीटर दूर३रायसेन जिले की बरेली तहसील में स्थित है अद्भुत और चमत्कारी संकटमोचन हनुमान जी का दक्षिणमुखी मंदिर जिसे लोग श्रद्धा से छींद धाम कहते हैं यहां ‘दादाजी’ के नाम से प्रसिद्ध बजरंगबली की महिमा ऐसी है कि दूर-दूर से भक्तों की लंबी कतारें लगी रहती हैं यहां के चमत्कार केवल कहानियां नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के जीते-जागते अनुभव हैं और मान्यता है कि यहां आने वाला कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता।

‘दादाजी’ करते है कई चमत्कार
कहा जाता है कि सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना यहां पूरी होती है। मंगलवार और शनिवार को यहां आस्था का सैलाब उमड़ पड़ता है। भक्त हनुमान जी को यहां ‘दादाजी’ कहकर पुकारते हैं३स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मंदिर का इतिहास करीब 200 साल पुराना है। कभी यहां खेती होती थी। इसी दौरान जमीन के मालिक को हनुमान जी की प्रतिमा मिली३जिसके बाद उन्होंने वहीं एक छोटी मढ़िया बनाकर मूर्ति स्थापित कर दी और पूजा-अर्चना शुरू हुई धीरे-धीरे चमत्कारों की चर्चा फैलने लगी और यह स्थान आस्था का बड़ा केंद्र बन गया। मंदिर परिसर में पीपल के पेड़ के नीचे स्थापित दक्षिणमुखी हनुमान जी की प्रतिमा विशेष मानी जाती है३और मान्यता है कि भक्तों की साधना से प्रसन्न होकर स्वयं हनुमान जी यहां विराजमान हुए।
रघुवंशी परिवार पीढ़ियों से कर रहा सेवा
इस मंदिर की सेवा पीढ़ियों से रघुवंशी परिवार करता आ रहा है। यहां आने वाले हर भक्त की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाता है३लोग यहां यश, धन, संतान और स्वास्थ्य की कामना लेकर आते हैं और विश्वास है कि उनकी हर मनोकामना पूरी होती है३यह केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास का जीवंत केंद्र है।
5 मंगलवार या शनिवार आने से हो जाएगी मनोकामना पूरी
“नासै रोग हरै सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा ”इस मंदिर की सबसे खास बात है यहां की दक्षिणमुखी हनुमान प्रतिमा३जिसे शत्रु नाशक माना जाता है। मंदिर के सामने ही राम दरबार विराजमान हैकृभगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के साथ मान्यता है कि यहां आने से असाध्य रोगों से भी मुक्ति मिलती है...जिनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं, वे यहां भंडारे का आयोजन करते हैं। भक्त मंगलवार और शनिवार को व्रत रखकर दर्शन करते है। और कहा जाता है कि लगातार 5 मंगलवार या शनिवार यहां हाजिरी लगाने से बजरंगबली हर इच्छा पूरी करते हैं और सभी कष्ट दूर कर देते हैं छींद धाम एक ऐसा आस्था का केंद्र जहां सिर्फ विश्वास ही नहीं बल्कि चमत्कार भी देखने को मिलते हैं और यहां आने वाला कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता।
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