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भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) प्रदेश की औद्योगिक गतिविधियों का मजबूत आधार हैं और लाखों परिवारों के स्वावलंबन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग, मार्गदर्शन और सुविधाएं उपलब्ध करा रही है, जिससे निवेश और रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं।
भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 257 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को 169.57 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से उनके खातों में अंतरित की। इसके साथ ही स्टार्टअप इकाइयों को लगभग 28 लाख रुपये की अनुदान राशि की पहली किश्त भी जारी की गई। कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने लघु उद्योग निगम की ओर से 8 करोड़ रुपये का अंतरिम लाभांश चेक मुख्यमंत्री को भेंट किया।
उद्योगों को बढ़ावा देने इन्हें दी जा रही प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बैतूल और आगर-मालवा के तीन उद्यमियों को औद्योगिक भूमि के आवंटन पत्र भी प्रदान किए और मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत हितलाभ वितरित किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए पारदर्शिता, सरल प्रक्रियाएं और डिजिटल व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे निवेशकों को बेहतर वातावरण मिल सके।
मजबूत राज्यों में तेजी से उभर रहा मप्र
उन्होंने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश देश के आर्थिक रूप से मजबूत राज्यों में तेजी से उभर रहा है और निवेश के लिए देश-विदेश के उद्यमियों के लिए इसके दरवाजे खुले हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है और इसका लाभ प्रदेश को भी मिल रहा है। कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि राज्य में 7100 से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हैं और कई नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है। इससे स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश तेजी से देश के प्रमुख स्टार्टअप और औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित हो रहा है।
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