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भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा बजट सत्र के छठवें दिन प्रश्नकाल के दौरान मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना की राशि बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रतिमाह करने का वादा भारतीय जनता पार्टी के संकल्प पत्र में शामिल है और यह लक्ष्य वर्ष 2028 तक पूरा किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी हितग्राही को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, सरकार अपना वादा निभाएगी और लाड़ली बहनों को तीन हजार रुपये देकर रहेगी।
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक महेश परमार ने नए पंजीयन बंद होने, तीन हजार रुपये की घोषणा के बावजूद वर्तमान में 1,500 रुपये दिए जाने और 60 वर्ष की आयु पूरी होते ही महिलाओं का नाम योजना से हटाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मंत्रियों द्वारा सार्वजनिक मंचों से आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी सरकार से नए पंजीयन की तिथि स्पष्ट करने की मांग की।
वर्तमान में 1.25 करोड़ पंजीयन सक्रिय
इस पर महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने जानकारी दी कि योजना की शुरुआत से अब तक 1 करोड़ 31 लाख 6 हजार 525 महिलाओं का पंजीयन किया जा चुका है। वर्तमान में 1 करोड़ 25 लाख 29 हजार 51 पंजीयन सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल नए पंजीयन का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। योजना के प्रावधानों के अनुसार, हितग्राही की मृत्यु या 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर नाम योजना से हटा दिया जाता है। हालांकि, 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं अन्य पात्र योजनाओं में आवेदन कर सकती हैं।
सरकार की ओर से प्रस्तुत किया वित्तीय विवरण
सरकार की ओर से वित्तीय विवरण भी प्रस्तुत किया गया। वर्ष 2025-26 में 1,500 रुपये प्रतिमाह की दर से अब तक 18,528 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है। योजना की शुरुआत एक हजार रुपये प्रतिमाह से हुई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 1,250 और फिर 1,500 रुपये किया गया। सरकार का दावा है कि इस राशि का उपयोग महिलाएं शिक्षा, पोषण और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में कर रही हैं।
सीएम ने विपक्ष के आरोपों का दिया जवाब
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि जब योजना शुरू हुई थी तब इसे चुनावी योजना बताकर बंद होने की आशंका जताई गई थी, लेकिन सरकार ने इसे निरंतर जारी रखा है। उन्होंने दोहराया कि 3,000 रुपये देने की प्रतिबद्धता संकल्प पत्र में दर्ज है और तय समयसीमा में इसे लागू किया जाएगा। हालांकि, विपक्ष सरकार के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ और नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन कर गया।
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