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भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन को संबोधन के दौरान कहा कि मालवांचल के जनजातीय बहुल क्षेत्रों में फाग पर्व के रूप में मशहूर भगौरिया लोकोत्सव को सरकार ने राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि जनजातीय बहुल बड़वानी, धार और झाबुआ दो सेक्टर्स में सरकार कृषि कैबिनेट आयोजित करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि हम भगौरिया पर्व में भी शामिल होंगे और यहीं पर कृषि कैबिनेट भी करेंगे, जिससे सामाजिक उत्सवों के प्रोत्साहन के साथ इस अंचल और यहां के निवासियों के विकास में मध्यप्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता भी दिखाई दे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश सरकार की ओर से तथा विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने पूरे सदन की तरफ से प्रदेश के सभी जनजातीय बन्धुओं को भगौरिया लोकपर्व की बधाई और शुभकामनाएं दीं।
अध्यक्ष तोमर बोले यह अच्छी पद्धति
सीएम द्वारा कैबिनेट बैठक के निर्णयों को सदन में वक्तव्य के माध्यम से रखे जाने पर विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने टिप्पणी की। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने व्यवस्था दी। उन्होंने कहा कि जब हाउस चल रहा हो, और मंत्रि-परिषद में बड़े निर्णय होते हैं, तो हाउस के समय पर उन निर्णयो ंको रखना यह अच्छी पद्धति है। इसमें किसी को आपत्ति नहीं होना चाहिए।
भूमि रिकार्ड में गड़बड़ी से हो रही परेशानी
विधानसभा में कांग्रेस विधायक झूमा सोलंकी ने खरगोन के भीकनगांव, झिरन्या और महेश्वर क्षेत्र में जमीन बंदोबस्त नहीं होने का मामला ध्यानाकर्षण के माध्यम से उठाया। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड में गड़बड़ी से लोगों को परेशानी हो रही है। कांग्रेस विधायक राजन मंडलोई ने उनकी बात का समर्थन किया। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि गड़बड़ी हो तो कलेक्टर या तहसीलदार को आवेदन दें, जांच कर सुधार किया जाएगा।
नहर निर्माण में हो रहा गुणवत्ताहीन काम
विधायक दिनेश राय मुनमुन और रजनीश सिंह ने सिवनी जिले में निर्माणाधीनध्निर्मित पेंच नहर निर्माण कार्य में अधिकारीध्ठेकेदार की मिलीभगत से गुणवत्ताहीन कार्य कराए जाने और ठेकेदार को करोड़ों रुपये राशि का अग्रिम भुगतान किए जाने का मुद्दा उठाया। मंत्री तुलसी सिलावट ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि विभाग द्वारा निरंतर प्रयास कर अनुबंधित एजेंसी से कार्य कराया जा रहा है एवं नहर की निर्मित लंबाई में कृषकों को निरंतर एवं निर्बाध रूप से आवश्यकता के अनुरूप जल प्रदाय किया जा रहा है। प्रतिवर्ष कार्य प्रगति अनुसार सिंचाई रकबे में वृद्धि हो रही है।
अनुदान मांगों पर हुई चर्चा
विधानसभा के बजट सत्र के सातवें दिन प्रश्नकाल, शून्यकाल, याचिकाओं की प्रस्तुति और पत्र पटल पर रखे जाने के बाद विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा हुई। अनुदान मांगों पर चर्चा के लिए करीब पौने आठ घंटे का समय तय किया गया था। नगरीय विकास और आवास विभाग पर सोमवार को चर्चा नहीं हो सकी थी, इसलिए सबसे पहले इसी से चर्चा शुरू हुई। इसके अलावा जनजातीय कार्य विभाग और भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास,लोक परिसंपत्ति और अनुसूचित जाति कल्याण, लोक निर्माण तथा लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सहित अन्य विभागों की अनुदान मांगों पर भी विधायकों ने अपनी बात रखी।
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