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भोपाल। मध्यप्रदेश में इसी साल जून में राज्यसभा की तीन सीटें खाली हो रही हैं। जिनके लिए चुनाव आयोग अगले दो महीने के भीतर निर्वाचन प्रक्रिया शुरू कर सकता है। विधानसभा में विधायकों की संख्या बल के हिसाब से रिक्त होने वाली सीटों में से 1 कांग्रेस और 2 भाजपा के खाते में जाना हैं।
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह तीसरी बार राज्यसभा जाने से खुद ही इंकार कर चुके हैं। ऐेसे में कांग्रेस मप्र से किसी अनुसूचित जाति या जनजाति वर्ग के नेता को राज्यसभा भेज सकती है। माना जा रहा है राज्यसभा न जाने के पीछे दिग्विजय सिंह की कुछ और ही मंशा है। कांग्रेस नेताओं का मानना है अगले विधानसभा चुनाव से पहले दिग्विजय सिंह मध्यप्रदेश कांग्रेस की बागडोर थाम सकते हैं। हालांकि राज्यसभा के लिए दावेदारों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का भी नाम है।
प्रदीप अहिरवार पार्टी को लिख चुके हैं खत
पिछले महीने दिग्विजय सिंह द्वारा राज्यसभा नहीं जाने की घोषणा के साथ ही कांग्रेस के भीतर यह मांग उठ चुकी है कि इस बार अजा और अजजा वर्ग को राज्यसभा के लिए भेजा जाए। इसके लिए कांग्रेस अजा विभाग के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार पार्टी को पत्र भी लिख चुके हैं। चूंकि एक सीट के लिए फैसला होना है, इसलिए पार्टी में प्रत्याशी के नाम को लेकर कोई खास हलचल नहीं है। हालांकि पार्टी के उच्च सूत्र बताते हैं कि जिस तरह से कांग्रेस पार्टी मप्र में अजा और अजजा एजेंडे पर काम कर रही है, उसको लेकर हुए इसी वर्ग को मौका दिया जा सकता है। दावेदारों की दौड़ में पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन का नाम भी है।
अरुण यादव को मिल सकता है मौका
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के अनुसार मौजूदा स्थिति में कांग्रेस के पास राज्यसभा के 3 सांसद हैं। इनमें अशोक सिंह, विवेक तन्खा और दिग्विजय सिंह हैं। अशोक सिंह पिछड़े वर्ग से आते हैं और यादव समाज से हैं। ऐसे में पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव को मौका मिलना मुश्किल है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नाम को लेकर चर्चा है कि पार्टी उन्हें राज्यसभा भेजकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बदल सकती है। हालांकि पटवारी की राज्यसभा की राह में जातिगत समीकरण रोड़ा बनते दिख रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व फिलहाल अजजा और अजा वर्ग के नेताओं को राज्यसभा भेजने के लिए दावेदार की खोज कर रहा है। जिन दावेदारों के नाम सामने आए हैं, उन पर अभी सहमति नहीं मिली है।
तीन सीटों पर होना है चुनाव
मप्र के तीन राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह, सुमेर सिंह सोलंकी और जॉर्ज कुरियन इसी साल 21 जून को अपना कार्यकाल पूरा कर रहे हैं। इससे पहले चुनाव आयोग तीनों सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया पूरी करा लेगा। विधानसभा में कांग्रेस और भाजपा की सदस्य संख्या को देखते हुए एक सीट कांग्रेस और 2 सीट भाजपा के पास ही रहेंगी। ऐसे में भाजपा ने दो राज्यसभा सीटों के लिए भी तैयारी शुरू कर दी है। सुमेर सोलंकी को दूसरी बार राज्यसभा भेजना है या नहीं इसका फैसला केंद्रीय नेतृत्व करेगा। वहीं जॉर्ज कुरियन की जगह मप्र के बाहर के अन्य किसी नेता को राज्यसभा भेजा जा सकता है। फिलहाल भाजपा में भी राज्यसभा को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। वहीं कांग्रेस के भीतर मचे घमासान को देखते हुए भाजपा का प्रयास तीसरी सीट को भी जीतने का रह सकता है। कोई बड़ी बात नहीं कि इसके लिए भाजपा किसी नई रणनीति के साथ सामने आये।
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