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नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बड़ी राहत मिली है। कांग्रेस नेता, राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तनखा ने शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ दायर मानहानि के मामलों को वापस लेने का फैसला किया है। तनखा ने सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दी, जिसके बाद शीर्ष अदालत ने इसे रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले का निस्तारण कर दिया और आगे की सुनवाई बंद कर दी।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान विवेक तनखा की ओर से अदालत को बताया गया कि इस पूरे मुद्दे पर शिवराज सिंह चौहान के साथ आपसी समझौता हो गया है। समझौते के तहत विवेक तनखा शिवराज सिंह चैहान के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि के मामले और सिविल सूट दोनों को वापस ले रहे हैं। कोर्ट ने इस सहमति को औपचारिक रूप से रिकॉर्ड में दर्ज किया।
गौरतलब है कि यह सुनवाई केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की याचिका पर हो रही थी। शिवराज चौहान ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए अपने खिलाफ चल रहे मानहानि के मुकदमे को रद्द करने की मांग की थी। इससे पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उनकी यह मांग खारिज कर दी थी, जिसके बाद वे शीर्ष अदालत पहुंचे थे।
कांग्रेस सांसद और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील विवेक तनखा ने शिवराज सिंह चैहान सहित तीन भाजपा नेताओं के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। इन नेताओं में भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और भूपेंद्र सिंह भी शामिल थे।
विवेक तनखा का आरोप था कि इन नेताओं ने मीडिया में उनके खिलाफ बयान दिए, जिससे उनकी सामाजिक और पेशेवर प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। इसी आधार पर उन्होंने आपराधिक मानहानि का मामला और सिविल सूट दायर किया था।
इस मामले में पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने शिवराज सिंह चौहान समेत तीनों भाजपा नेताओं को निचली अदालत में व्यक्तिगत पेशी से राहत दी थी। हालांकि, इससे पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उनकी इस मांग को ठुकरा दिया था, जिसके चलते मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। हालांकि, अब विवेक तनखा की ओर से सभी मानहानि के मामले वापस लेने की घोषणा के बाद सुप्रीम कोर्ट ने पूरे प्रकरण का निस्तारण कर दिया है।
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