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भोपाल। मप्र सरकार के सभी विभाग केंद्रीय बजट के प्रावधानों के अनुरूप परियोजनाएं और योजनाएं तैयार करें और भारत सरकार को भेजें। इससे मप्र के प्राथमिकता क्षेत्र को अत्यधिक लाभ मिल सके। पिछले सत्रों के शून्यकाल सूचनाओं सहित अपूर्ण उत्तर वाले प्रश्न, आश्वासन और लोक लेखा समिति की अनुशंसाओं के लंबित मामले जल्द पूर्ण करें। विभागीय परामर्शदात्री समितियों की बैठक के साथ ही विभागीय प्रशासकीय प्रतिवेदन विधानसभा को उपलब्ध कराएं जाएं। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने मंत्रालय में बजट सत्र की तैयारी बैठक में विभागाध्यक्षों सहित अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिवों को इस संबंध में निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि आर्थिक ग्रोथ में पूंजीगत खर्चों का अहम योगदान होता है। केंद्र सरकार के बजट के प्रावधानों के अनुरूप मध्यप्रदेश में सिटी इकोनॉमिक रीजन, डेडीकेटेड केमिकल और पेट्रोकेमिकल पार्क और मेगा टेक्सटाइल पार्क सहित अन्य परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार करें। भारत सरकार के दिशा निर्देशों को भी समाहित कर यथाशीघ्र प्रस्ताव भेजे जाएं। बैठक में बताया कि केंद्रीय बजट घोषणा के बाद आयुष विभाग ने आयुर्वेदिक विश्वविद्याल का प्र्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है।
31 मार्च से पहले खर्च करें राशि
मुख्य सचिव ने ऐसे विभाग जिनमें अभी भी राशि उपलब्ध है, उनसे कहा है कि इस वित्त वर्ष की शेष अवधि के लिए साप्ताहिक प्लान बनाकर वास्तविक व्यय सुनिश्चित करें। वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी ने बताया कि पिछले वर्षों की तुलना में इस वित्त वर्ष में पूंजीगत खर्चों में वार्षिक लक्ष्यों की पूर्ति बेहतर है।
महीने में एक बार केंद्रीय सचिव से करें चर्चा
मुख्य सचिव ने बताया कि नॉलेज और एजुकेशन सिटी, मेडिकल हब, नाइपर, फार्मास्युटिकल रिसर्च सेंटर, स्कूल और कॉलेजों के लैब, सी मार्ट, हॉस्टल, स्किल डेवलपमेंट, पशुपालन और एमएसएमई ग्रोथ फंड जैसे क्षेत्रों में केंद्र सरकार ने बजट में प्रावधान किए हैं। विभागों के अधिकारियों से कहा कि वे यथाशीघ्र प्रस्ताव भारत सरकार को भेजें। अधिकारी माह में कम से कम एक बार केंद्र में उनके विभाग से संबंधित ज्वाइंट सेकेट्री बात अवश्य करें। उन्होंने कहा कि भारत सरकार से संबंधित ऐसी लंबित परियोजनाओं और योजनाओं को उनके संज्ञान में लाएं, जिनमें समन्वय की आवश्यकता है।
रजिस्ट्री के बाद नामांतरण में देरी के लिए तय करें जिम्मेदारी
मुख्य सचिव जैन ने कहा कि रजिस्ट्री के बाद और अविवादित नामांतरण समय सीमा में होना ही चाहिए। लोकसेवा गारंटी अधिनियम में अधिसूचित सेवाओं में नागरिकों के आवेदन समय सीमा में निराकृत करने के निर्देश दिए। अधिसूचित 735 में से 135 अन्य सेवाओं को भी ऑनलाइन करने और जो सेवाएं अब प्रचलन में नहीं हैं, उन्हें पृथक करने की जरूरत बताई।
अधिकारी ध्यान रखें, ई-ऑफिस से ही चलेंगी फाइलें
मुख्य सचिव विभाग प्रमुखों से कहा कि सभी फाइलें ई- आफिस प्रणाली पर चलें। भौतिक रूप से फाइलों का संचालन नहीं होना चाहिए। मुख्य सचिव ने पिछले एक वर्ष में नई नीतियों के लागू होने, क्रियान्वयन की स्थिति और लाभ के आंकलन और अध्ययन के निर्देश भी दिए। जैन ने सभी विभागाध्यक्षों से कहा कि वे उनके विभागों के निगम,मंडल और बोर्ड की समीक्षा करने के साथ ही वित्त आयोग की अनुशंसाओं की समीक्षा भी करें।
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