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मुंबई। महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार का 28 जनवरी को एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया। गुरुवार को बारामती में उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इन सबके बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। एक ओर जहां उनके एक करीबी ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया है वो जल्द एनसीपी के दोनों गुटों का विलय करने जा रहे थे।
वहीं एनसीपी के सीनियर नेता प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और छगन भुजबल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आधिकारिक आवास वर्षा पर पहुंचकर अहम मुलाकात की है। पार्टी का अहम मकसद कैबिनेट में अजित पवार के पास रहे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी पकड़ बनाए रखना है। सूत्रों की मानें तो अजित पवार के निधन से पैदा हुए खालीपन को भरने के लिए एनसीपी के दिग्गज नेताओं ने मुख्यमंत्री से लंबी चर्चा की।
एनसीपी नेताओं ने इस बात पर दिया जोर
प्रफुल्ल पटेल और छगन भुजबल जैसे नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी के पास रहे विभागों का प्रभार किसी अन्य सहयोगी दल को नहीं जाना चाहिए। यह मीटिंग न केवल प्रशासनिक कामकाज सुचारू रखने के लिए थी, बल्कि पार्टी के अंदर भविष्य के नेतृत्व को लेकर संकेत देने की भी एक कोशिश मानी जा रही है। सूत्रों की मानें तो एनसीपी नेतृत्व जल्द ही मुख्यमंत्री को एक औपचारिक पत्र सौंपने वाला है, जिसमें मांग की जाएगी कि अजित पवार के पुराने विभाग- वित्त, राज्य उत्पाद शुल्क और खेल विभाग पूरी तरह से एनसीपी के कोटे में ही रखे जाएं।
पार्टी का मानना है कि गठबंधन सरकार में शक्ति संतुलन बनाए रखने के लिए इन मंत्रालयों का एनसीपी के पास रहना जरूरी है। मुख्यमंत्री और गठबंधन सहयोगियों के बीच इन विभागों की कमान किसे सौंपी जाए, इसे लेकर गहन मंथन जारी है।
भारी-भरकम विभागों पर नजर
अजित पवार के पास वित्त और राज्य उत्पाद शुल्क जैसे बेहद शक्तिशाली मंत्रालय थे। इन विभागों के जरिए राज्य की तिजोरी और राजस्व पर सीधा नियंत्रण रहता है। एनसीपी की चिंता यह है कि अगर ये विभाग किसी और दल के पास चले गए, तो गठबंधन में पार्टी का प्रभाव कम हो सकता है। इसीलिए पार्टी अब लिखित रूप में इन मंत्रालयों पर अपना दावा पेश करने की तैयारी में है, जिससे भविष्य में किसी विवाद की गुंजाइश न रहे।
अजीत पवार की आखिरी इच्छा का करीबी ने किया खुलासा
इधर बारामती में विद्या प्रतिष्ठान के सदस्य और पवार परिवार के करीबी किरण गुजर ने कहा, आज यहां अजित पवार की अस्थियों का विसर्जन किया गया। दादा की आखिरी इच्छा थी कि एनसीपी के दोनों गुटों का विलय हो। सभी को एकजुट होना चाहिए। इस बारे में पूरे परिवार में बात हो रही थी। उनसे मेरी आखिरी फोन कॉल में उन्होंने मुझसे चुनाव से जुड़े कुछ कागजात मांगे थे।
करीबी सहयोगी किरण गुजर का बड़ा खुलासा
दिवंगत अजित पवार के करीबी किरण गुजर ने दावा किया कि वो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों गुटों के विलय के लिए उत्सुक थे, और यह जल्द ही होने वाला था। दिग्गज नेता के निधन के दो दिन बाद उनके किरण गुजर ने बताया कि उनसे यह बात खुद अजित पवार ने साझा की थी।
विमान हादसे से पांच दिन पहले बताया था
1980 के दशक के मध्य में राजनीति में आने से पहले से ही किरण गुजर अजित पवार से जुड़े हुए थे। वो दिवंगत नेता के करीबी सहयोगी और विश्वसनीय सहयोगी थे। अब किरण गुजर ने गुरुवार (29 जनवरी) को न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा कि अजित पवार ने बुधवार (28 जनवरी) को विमान दुर्घटना से सिर्फ पांच दिन पहले ही उन्हें इस बारे में बताया था।
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