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नई दिल्ली। दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की संपत्ति और पारिवारिक विरासत को लेकर चल रहा विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। उनके निधन के बाद परिवार में इस अरबों की संपत्ति को लेकर तीन धड़ों में विवाद शुरू हो गया था। गुरुवार को संजय कपूर की मां रानी कपूर की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।
इस याचिका में रानी कपूर ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे की मौत के बाद उनकी पूरी संपत्ति को उनके बिना जानकारी या सहमति के ट्रस्ट में स्थानांतरित कर दिया गया। इस याचिका पर कोर्ट ने समन जारी किया है, लेकिन फिलहाल किसी भी तरह का अंतरिम आदेश नहीं दिया है।
रानी कपूर ने याचिका में लगाया यह आरोप
रानी कपूर की याचिका में कहा गया है कि उनके खिलाफ और उनके परिवार की संपत्ति के साथ कई गैर-कानूनी कार्य किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बहू प्रिया कपूर और अभिनेत्री करिश्मा कपूर के बच्चों समेत कुल 22 लोगों ने मिलकर एक फर्जी फैमिली ट्रस्ट बनाया। इस ट्रस्ट के जरिए उनकी संपत्ति पर नियंत्रण किया गया और उन्हें परिवार की संपत्ति से बाहर कर दिया गया। उन्होंने अदालत से मांग की है कि यह ट्रस्ट अवैध घोषित किया जाए और उनकी संपत्ति उन्हें उसी स्थिति में वापस दी जाए जो ट्रस्ट बनने से पहले थी।
कागजों पर हस्ताक्षर करवा कर संपत्ति पर किया कब्जा
याचिका में कहा गया कि रानी कपूर मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ नहीं थीं। ऐसे में उनकी इस स्थिति का फायदा उठाते हुए कई कागजों पर हस्ताक्षर करवाए गए और संपत्ति पर कब्जा किया गया। याचिका में कहा गया कि संजय कपूर के निधन के तुरंत बाद प्रमुख ग्रुप कंपनियों पर नियंत्रण भी उनके बिना जानकारी के ले लिया गया। रानी ने आरके फैमिली ट्रस्ट को अवैध, धोखाधड़ी वाला और सोची-समझी साजिश का नतीजा बताया। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस याचिका पर समन जारी किया। अदालत ने फिलहाल ट्रस्ट पर यथास्थिति बनाए रखने का कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया है।
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