Download App

Latest News

विधायक कप 2026 का समापन : एल एन ग्रुप इन्फ्रा के सीएमडी डॉ. एन एल मालवीया ने विजेता-उपविजेता टीम को किया सम्मानितराजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ी बड़ी खबर : कोर्ट ने दो आरोपियों को किया दोषमुक्त, सबूतों के आभाव में हुए रिहासबरीमाला गोल्ड केस में गर्म हुई केरल विधानसभा की तासीर : विपक्ष का आरोप- प्रभावशाली लोगों को बचाने मामले को कमजोर कर रही सरकार50 की उम्र में लीसा रे ने बदली 'बीच बॉडी' की परिभाषा, : बोलीं- 'अब मंजूरी नहीं, आजादी जरूरी'

केन्द्रीय मंत्री को गद्दार कहकर घिरे राहुल : दिल्ली के मंत्री ने गांधी परिवार पर किया करारा प्रहार, कहा- सिख सरदार है, गद्दार नहीं

दिल्ली के मंत्री ने गांधी परिवार पर किया करारा प्रहार, कहा- सिख सरदार है, गद्दार नहीं
a

admin

Feb 04, 202603:20 PM

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के छठवें दिन राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू बीच जुबानी जंग भी देखने को मिली। राहुल ने जहां केन्द्रीय मंत्री को गद्दार दोस्त बताया तो वहीं बिट्टू ने राहुल को देशद्रोही करार दे दिया है। राहुल द्वारा केन्द्रीय मंत्री को गद्दार दोस्त कहे जाने पर सियासी पारा हाई हो गया है। दिल्ली के कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस की मानसिकता में अब भी बदलाव नहीं हुआ है और आज हुई घटना उसका जीता जागता प्रमाण है।

मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, राहुल गांधी ने आज संसद में सिख मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के खिलाफ जिस तरह की शब्दावली का इस्तेमाल किया, उन्हें गद्दार कहा, इसकी मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। यह बयान बड़ा शर्मसार करने वाला है।

आज भी नहीं कांग्रेस की मानसिकता

उन्होंने कहा कि सिख सरदार है, वह कभी गद्दार नहीं हो सकता। अगर कोई गद्दार है, तो वो गांधी परिवार है, जिन्होंने श्री दरबार साहब के ऊपर तोप-टैंकों से हमला किया, श्री अकाल तख्त साहिब को गिराया और बेकसूर सिखों के गले में टायर डालकर जिंदा जलाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मानसिकता आज भी नहीं बदली है।

सिखों के प्रति नकारात्मक भाव को नहीं किया जा सकता बर्दाश्त

सिरसा ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं के इस तरह के अपशब्द और सिखों के प्रति नकारात्मक भाव को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उनका मानना है कि यह न केवल सिखों की तौहीन है बल्कि कांग्रेस की मानसिकता में आज भी वही जहर मौजूद है, जो 1980 के दशक में था। उन्होंने लोकसभा के स्पीकर से तुरंत कार्यवाही करने की मांग की और कहा कि इस तरह की टिप्पणियों और भावनाओं को किसी भी तरह से बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सिखों के प्रति यह अपमान और द्वेष कांग्रेस की मानसिकता का हिस्सा है और इसे रोकना जरूरी है।

नहीं नकारा जा सकता कांग्रेस नेताओं के पापों को

सिरसा ने साफ कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने जो पाप किए हैं, उन्हें नकारा नहीं जा सकता और उनके खिलाफ कड़ा कदम उठाया जाना चाहिए। उन्होंने अपील की कि लोकसभा स्पीकर को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि सिखों के प्रति इस तरह की अपमानजनक और नकारात्मक मानसिकता को आगे बढ़ने से रोका जा सके।

Powered by Tomorrow.io

Advertisement

Ad

Related Post

Placeholder