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लखनादौन नपा ने दुकानों के आवंटन में की लाखों की हेराफेरी : ईओडब्ल्यू जबलपुर ने दर्ज की एक और एफआईआर, जद में 23 अधिकारी-कर्मचारी

ईओडब्ल्यू जबलपुर ने दर्ज की एक और एफआईआर, जद में 23 अधिकारी-कर्मचारी
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admin

Mar 03, 202612:07 PM

भोपाल। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) जबलपुर इन दिनों भ्रष्टाचार के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहा है। पिछले एक पखवाड़े के भीतर आर्थिक अनियमितता से जुड़े अलग-अलग मामलों में तीसरी एफआईआर दर्ज की गई है। जांच एजेंसी ने सिवनी जिले की लखनादौन नगर पालिका में नियम विरुद्ध तरीके से दुकानों के आवंटन और करीब 83 लाख की शासकीय राशि के गबन के मामले में दो पूर्व नगर पालिका अधिकारी, कर्मचारी एवं दुकानदार समेत 23 लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है।

ईओडब्ल्यू में जबलपुर निवासी रविन्दर सिंह आनंद ने शिकायत में बताया कि सिवनी जिले की नगर पालिका परिषद लखनादौन में सीएमओ एवं अध्यक्ष ने पद का दुरुपयोग कर शापिंग काम्प्लेक्स में निर्मित दुकानों की नीलामी उपरांत दुकानदारों से प्रीमियम भुगतान की पूरी राशि लिए बिना ही दुकाने संबंधितों को सुपुर्द कर एवं आरक्षित वर्ग की दुकानों को भी सामान्य वर्ग के लोगों को आवंटित कर शासन को आर्थिक क्षति कारितहुई है। शिकायत की जांच में पाया गया कि नगर परिषद लखनादौन ने 8 शॉपिंग काम्प्लेक्स में 75 दुकानें बनाने के लिए निविदा की कार्यवाही की गई थी।

नीलामी में नियमों को किया गया दरकिनार

नीलामी में दुकानों के आरक्षण का नियम भी लागू किया गया था। नियमों के अनुसार 21 दिन के भीतर नीलामी की 25 प्रतिशत की राशि जमा की जाना थी और शेष राशि निविदा दर की अंतिम स्वीकृति के संबंध में लिखित सूचना प्राप्त होने के दिनांक से 120 दिन के अंदर जमा की जाना चाहिए थी। मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों ने दुकानदारों से मिलीभगत कर बिना अनुबंध किये एवं नीलामी की बोली की पूरी राशि जमा कराए बिना ही दुकानदारों को दुकानों का कब्जा दे दिया है। सत्यापन पर पाया गया कि 32 दुकानों में से 13 दुकानदारों ने नीलामी की राशि लगभग 79,82,500/-रू. जमा नहीं की। इन दुकानदारों से 2.88 लाख रुपए किराए के भी नहीं वसूले गए। दुकानदार वैभव दुबे को आरक्षित दुकान को आवंटित कर दिया।

इन्हें बनाया आरोपी

ईओडब्ल्यू ने जांच के बाद अपराध क्रमांक 43-2026 पंजीबद्ध कर 23 आरोपी बनाए हैं। जिनमें गजेन्द्र पाण्डे एवं सुश्री गीता वाल्मीक तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी, रवि झारिया, राजस्व उप निरीक्षक, भागचद्र अहिरवार, तेजस्व जैन, शेलेन्द्र उर्फ सोनू यादव, सीमा गोल्हानी, संगीता गोल्हानी, बुलबुल जैन, खूबचंद चैकसे, सतीश उइके, देवेन्द्र राय श्रीवास्तव, सतेन्द्र विश्वकर्मा, गणेश पटेल, विकास नामदेव, शिवप्रसाद गोल्हानी, वैभव दुबे, श्रीमति मीणा बलराम गोल्हानी, देवकी शिवकुमार झारिया, संगीता संजय गोल्हानी, वर्षा श्रीकांत गोल्हानी, श्रीमति अनीता संदीप जैन, सविता गोलू कुमरे के नाम शामिल हैं।

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