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धार भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला : हिन्दू सुबह से शाम तक कर सकेंगे पूजा, नमाज के लिए मिले सिर्फ 2 घटें, राज्य-जिला प्रशासन को दी हिदायत

हिन्दू सुबह से शाम तक कर सकेंगे पूजा, नमाज के लिए मिले सिर्फ 2 घटें, राज्य-जिला प्रशासन को दी हिदायत
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admin

Jan 22, 202612:51 PM

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के धार भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू पक्ष की नई याचिका पर अपना फैसला सुना दिया है। शीर्ष अदालत ने आदेश दिया है कि धार भोजशाला में वसंत पंचमी की पूजा और नमाज दोनों होगी। कोर्ट ने हिन्दुओं को जहां सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा करने की अनुमति दी है। तो वहीं नमाज के लिए 1 से 3 बजे का समय निर्धारित किया है। नमाज के लिए मंदिर परिसर में ही अलग से जगह निर्धारित होगी। वसंत पंचमी की पूजा के लिए भी अलग जगह निर्धारित होगी। बता दें कि बसंत पंचमी और शुक्रवार को जुमे की नमाज एक ही दिन होने के कारण भोजशाला का ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हम दोनों पक्षों से अपील करते हैं कि वे आपसी सम्मान और सहयोग बरकरार रखें। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य और जिला प्रशासन को कानून व्यवस्था बनाए रखने की हिदायत दी। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने कहा कि कल दोपहर 1 से 3 बजे के बीच नमाज के लिए आने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों की संख्या जिला प्रशासन को बता दी जाए, पीठ ने कहा कि ये संख्या जिला प्रशासन को आज ही बता दी जाए। प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भोजशाला आने वालों के लिए पास जारी कर सकता है या कोई और सही तरीका अपना सकता है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

हिन्दू पक्ष के वकील विष्णु जैन ने दलील में कहा, सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा होती है.

राज्य सरकार - हम कानून व्यवस्था का ख्याल रखेंगे

सीजेआई- दोनों समुदायों के लोग प्रार्थना कर सकते हैं ? कानून व्यवस्था का ध्यान रखा जाना चाहिए. ⁠कल के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं ? सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि जरूरत पड़ने पर दोनों समुदायों हिंदू और मुस्लिमों के लिए पूजा की विशेष व्यवस्था की जानी चाहिए

सीजेआई ने टिप्पणी करते हुए कहा, इसका मतलब है कि बसंत पंचमी के लिए विशेष व्यवस्था करनी होगी. हिंदुओं की पूजा और मुस्लिमों की जुमे की नमाज के लिए व्यवस्था कीजिए. इस पर एमपी सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (।ैळ) ने कोर्ट को आश्वस्त करते हुए कहा, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या न हो

हिंदू पक्ष ने आग्रह किया, नमाज पांच बजे के बाद पढ़ी जा सकती है. ⁠तब तक हिंदुओं को पूजा की इजाजत दी जाए

चीफ जस्टिसः दोपहर 1 बजे तक हिंदू पूजा क्यों नहीं कर सकते? 1 से 3 बजे तक नमाज होगी, उसके बाद बसंत पंचमी की पूजा हो सकती है?

सुप्रीम कोर्ट क्यों पहुंचा विवाद?

बता दें कि हिंदू पक्ष ने 20 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें मांग की गई है कि बसंत पंचमी के पूरे दिन धार भोजशाला में अखंड सरस्वती पूजा की अनुमति दी जाए। बसंत पंचमी इस साल शुक्रवार के दिन पड़ रही है और शुक्रवार को मुस्लिम समाज के लोग धार भोजशाला में जुमे की नमाज पढ़ते हैं। यही वजह है कि ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ सुनवाई की। हिंदू फॉर जस्टिस की तरफ से वरिष्ठ वकील विष्णु शंकर जैन और हरिशंकर जैन दलील पेश की। साथ ही वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने बाबा कमाल मौलाना वेलफेयर सोसाइटी की ओर से पक्ष रखा।

क्या है विवाद?

  • मध्य प्रदेश के धार में एक एएसआई संरक्षित स्मारक है। हिंदू पक्ष के लोग इसे देवी सरस्वती का मंदिर मानते हैं।

  • साथ ही यहां मौलाना कमालुद्दीन की मजार है, जिसके चलते मुस्लिम पक्ष भी इस स्मारक पर अपना दावा करता है।

  • 18वीं सदी में यहां अंग्रेज सरकार ने खुदाई कराई थी, जिसमें देवी सरस्वती की प्रतिमा भी निकली थी। इस प्रतिमा को अंग्रेज लंदन ले गए थे, जो आज भी लंदन संग्रहालय में मौजूद है।

  • देवी सरस्वती की उस प्रतिमा को भी वापस लाने की कोशिश चल रही है। दोनों पक्ष इस स्मारक पर दावा करते हैं।

  • ऐसे में एएसआई द्वारा जारी आदेश के अनुसार, हिंदू पक्ष के लोगों को हर मंगलवार को भोजशाला परिसर में पूजा करने और मुसलमानों को हर शुक्रवार को भोजशाला परिसर में नमाज पढ़ने की अनुमति मिली हुई है।

  • इस साल शुक्रवार के दिन बसंत पंचमी पड़ रही है। ऐसे में हिंदू पक्ष ने पूरे दिन सरस्वती पूजा करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

सुप्रीम कोर्ट में धार भोजशाला विवाद पर सुनवाई के चलते धार में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। धार में आठ हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी रखी जा रही है। पुलिस द्वारा लगातार विभिन्न इलाकों में पेट्रोलिंग की जा रही है। धार भोजशाला में भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। वॉच टावर के साथ ही पुलिस चैकी भी बनाई गई है और पुलिस द्वारा संवेदनशील इलाकों में गश्त की जा रही है।

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