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बांटा कोर्ट का अहम फैसला : बच्चों का यौन शोषण करने वाले पति-पत्नी को सुनाई फांसी की सजा, जज ने कहा- मौत होने तक लटकाए रखें फांसी पर

बच्चों का यौन शोषण करने वाले पति-पत्नी को सुनाई फांसी की सजा, जज ने कहा- मौत होने तक लटकाए रखें फांसी पर
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Ganesh Sir

Feb 21, 202601:28 PM

सतना। यूपी में बच्चों का यौन शोषण करने वाले पति-पत्नी को बांदा कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई। कोर्ट ने दंपत्ति के खिलाफ यह अहम फैसला शुक्रवार को दिया है। ये दोनों बच्चों के अश्लील वीडियो-फोटो डार्क वेब के जरिए विदेशों में बेचते थे। पति रामभवन सिंचाई विभाग का जेई था, जबकि पत्नी दुर्गावती हाउस वाइफ थी। रामभवन की पोस्टिंग चित्रकूट में थी। फैसला देते समय पॉक्सो कोर्ट के जज प्रदीप कुमार मिश्रा ने कहा दोनों पति-पत्नी को मरते दम तक फंदे पर लटकाए रखा जाए। कोर्ट ने दोनों को 18 फरवरी को दोषी ठहराया था।

सीबीआई ने रामभवन को 18 नवंबर 2020 को अरेस्ट किया था। वहीं, दुर्गावती को गवाहों पर दबाव डालकर समझौता कराने का दोषी पाया गया था। दोनों के कोई संतान नहीं थी। रामभवन अपनी पत्नी के साथ मिलकर गरीब घरों के बच्चों को लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। दोनों मिलकर नाबालिगों का कुकर्म करते थे। बच्चों की उम्र 5 से 16 साल के बीच होती थी। बच्चों के साथ पत्नी संबंध बनाती थी, जबकि रामभवन उनसे कुकर्म करता था। इतना ही नहीं, दोनों लैपटॉप के कैमरे के जरिए बच्चों के अश्लील वीडियो भी बना लेते थे। इस दौरान अगर कोई बच्चा विरोध करता था तो पति-पत्नी उन्हें मारते-पीटते थे। चिल्लाने पर उनका मुंह दबा देते थे। फिर पैसे या खिलौने, मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट देने का लालच देकर उसकी जुबान बंद करा देते थे। एक बच्चे ने बताया था कि रामभवन मोबाइल फोन में गेम खेलने और यूट्यूब पर वीडियो दिखाने का लालच देकर अपने घर बुलाता था। पति-पत्नी कभी बांदा में किराए का मकान लेकर, तो कभी चित्रकूट में गंदा काम करते थे। इस दौरान पति-पत्नी ने 50 से ज्यादा बच्चों का यौन शोषण किया।

वर्ष 2020 में दर्ज हुआ प्रकरण

इसकी शिकायत मिलने पर 31 अक्टूबर 2020 को केंद्रीय जांच ब्यूरो ने रामभवन के खिलाफ केस दर्ज किया। आरोप था कि वह बच्चों के अश्लील वीडियोध्फोटो बनाकर डार्क वेब के जरिए अंतरराष्ट्रीय पेडोफाइल नेटवर्क तक पहुंचाता था। इसके बाद 17 नवंबर 2020 को सीबीआई ने रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के 88वें दिन दाखिल की थी। सीबीआई को इंटरपोल की तरफ से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति 3 मोबाइल नंबरों से 7 से लेकर 18 साल के बच्चों के पोर्न वीडियो बनाकर इंटरनेट में अपलोड करता है। साथ ही एक पेन ड्राइव भी मिली थी। उसमें 34 बच्चों के वीडियो और 679 फोटो थीं। ये बच्चे बांदा, चित्रकूट समेत आसपास के जिलों के रहने वाले थे। उस नंबर को ट्रेस किया गया, तो पता चला कि रामभवन अपनी पत्नी के साथ यह गंदा काम कर रहा था।

10-10 लाख की प्रदान की जाए राशि

बच्चों से जुड़ा मामला होने के चलते सीबीआई ने पॉक्सो कोर्ट में ट्रायल कराया। इस मामले में फरवरी 2021 में चार्जशीट लगाई। 74 गवाह पॉक्सो कोर्ट में पेश किए। शुक्रवार को पॉक्सो कोर्ट के जज प्रदीप कुमार मिश्रा ने पति-पत्नी को फांसी की सजा सुनाई है। ये भी कहा है कि डीएम को एक पत्र लिखा

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