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जबलपुर। जबलपुर में पहली बार एपस्टीन फाइल विवाद से जुड़े किसी मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। मामला जबलपुर नगर निगम के कार्यपालन अभियंता शैलेंद्र सिंह कौरव की शिकायत पर अज्ञात शख्स के खिलाफ दर्ज किया गया है। 9 फरवरी को ओमती थाने में दी गई शिकायत में कहा गया है कि भारतीय युवा कांग्रेस के सोशल मीडिया हैंडल से एक्स पर एआई जनरेटेड तस्वीरें पोस्ट की गई थीं, जिनमें शहर की अलग-अलग जगहों पर कथित यूनिपोल पोस्टर दिखाए गए हैं।
इन पोस्टर में एपस्टीन फाइल का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एआई से तैयार आपत्तिजनक कंटेंट है। शिकायकर्ता शैलेंद्र सिंह कौरव का कहना है कि वास्तव में ऐसे पोस्टर शहर में लगाए ही नहीं गए थे। इस संबंध में ओमती थाने में गुरूवार को मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने धारा 197-ए बीएनएस के तहत युवक कांग्रेस का सोशल मीडिया हैंडल चलाने वाले अज्ञात शख्स के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
अमेरिका-भारत के प्रधानमंत्रियों की दिखाईं तस्वीरें
नगर पुलिस अधीक्षक रितेश कुमार शिव ने बताया कि जांच के दौरान अब तक दो पोस्ट सामने आई हैं। एक में कार्टून चित्र है जबकि दूसरे में अमेरिका और भारत के प्रधानमंत्रियों की तस्वीर दिखाई गई है। पुलिस ने संबंधित यूनिपोल की जांच की तो पाया गया कि वहां किसी अन्य एजेंसी के वैध पोस्टर लगे हैं। इससे साफ हो गया कि एक्स पर डाले गए इस कंटेंट से भ्रामक जानकारी फैलाए जाने की आशंका बनी है।
इन आरोपों में एपस्टीन को किया गया था गिरफ्तार
जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी। उस पर 2005 में नाबालिग लड$की के साथ यौन उत्पीडन का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था फिर जेल में ही उसकी मौत हो गई थी। उसकी पार्टनर गिस्लेन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया था वह 20 साल की सजा काट रही है।
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