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भोपाल। नकली एवं अवैध शराब मामले में आबकारी आयुक्त की कार्रवाई के बाद से बंद चल रहीं सोम ग्रुप की सभी इकाईयों के संबंध में सोम डिस्टलरीज प्रायवेट लिमिटेड एवं अन्य द्वारा मध्यप्रदेश शासन एवं अन्य के विरुद्ध दायर याचिका की सुनवाई जबलपुर उच्च न्ययालय के न्यायाधीश विशाल मिश्रा नहीं करेंगे।
उच्च न्यायालय जबलपुर की एकल पीठ के न्यायाधीश श्री मिश्रा ने याचिका क्र. 4915-2026 की सुनवाई से स्वयं को अलग करते हुए यह भी स्पष्ट किया है कि मामला किसी अन्य बेंच के समक्ष विचारार्थ सूचीबद्ध किया जाए, जिसमें वे सदस्य न हों। आदेश में बताया गया है कि यह प्रकरण अब 26 फरवरी 2026 को दूसरी बेंच के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता सोम डिस्टलरीज की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय अग्रवाल और अधिवक्ता राहुल दिवाकर उपस्थित रहे। जबकि राज्य शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता एच.एस. रूपरा और बी.डी. सिंह एवं अधिवक्ता अद्वित्य पाराशर उपस्थित रहे।
6 फरवरी को हुई थी सुनवाई, सुरक्षित रखा था फैसला
सोम डिस्टलरीज प्रायवेट लिमिटेड की ओर से दायर याचिका पर विगत 6 फरवरी को जस्टिज विशाल मिश्रा की बेंच में सुनवाई हुई थी। सुनवाई के बाद उन्होंने फैसला सुरक्षित रखा था। सोमवार को इस मामले में न्यायालय ने सिर्फ बेंच परिवर्तन का आदेश ही पारित किया।
विधायक संजय पाठक प्रकरण से भी अलग हुए थे जस्टिस मिश्रा
मप्र उच्च न्यायालय के न्यायाधीश विशाल मिश्रा ने भाजपा विधायक संजय पाठक एवं उनके परिवार से संबंधित कंपनियों पर कटनी में लगे कथित अवैध खनन के आरोप मामले की सुनवाई से भी खुद को अलग कर लिया था। 1 सितंबर, 2025 के आदेश में श्री मिश्रा ने बताया था कि विधायक पाठक ने इस विशेष मामले पर चर्चा के लिए उनसे संपर्क करने का प्रयास किया था, जो कि न्यायिक निष्पक्षता के खिलाफ है। जस्टिस विशाल मिश्रा ने कहा था कि वह इस तरह के हस्तक्षेप के कारण इस रिट याचिका पर विचार करने के इच्छुक नहीं हैं।
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