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नीलम अहिरवार
हिंदू धर्म में धन और समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी के जन्मोत्सव को लक्ष्मी जयंती के रूप में बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन महीने की पूर्णिमा तिथि पर लक्ष्मी जयंती मनाने का महत्व है. मान्यता है कि इसी दिन क्षीर सागर के विशाल मंथन के समय मां लक्ष्मी प्रकट हुई थीं. खासकर दक्ष्ण भारत के राज्यों में लक्ष्मी जयंती का त्योहार मनाया जाता है. साल 2026 में लक्ष्मी जयंती 3 मार्च यानी चंद्र ग्रहण के दिन मनाया जा रहा है. भारतीय समय के अनुसार, चंद्र ग्रहण की शुरुआत आज यानी 03 मार्च को दोपहर 03 बजकर 20 मिनट से शुरू हो जाएगी और शाम 06 बजकर 46 मिनट पर खत्म हो जाएगा. वहीं भारत में दिखाई देने के कारण चंद्र ग्रहण का सूतक भी माना जाएगा. भारत में सूतक की शुरुआत हो चुकी है. ऐसे में यदि आप लक्ष्मी जयंती पर पूजा कर रहे हैं तो सूतक काल खत्म होने के बाद यानी शाम 07 बजे के करीब कर सकते हैं. ग्रहण के दौरान व्रत रहकर मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है..पूजा में देवी लक्ष्मी को कुमकुम, कमल के फूल, सिंदूर, लड्डू आदि चीजें अर्पित करें. आखिर में मां लक्ष्मी की आरती करें.
कैसे करें मां लक्ष्मी को प्रसन्न
मान्यता है कि जिस पर माता लक्ष्मी मेहरबान हो जाती हैं वो अन्न, धन, समृद्धि, स्वास्थ्य आदि का लाभ उठाता है. आइए जानते हैं माता लक्ष्मी को खुश करने के आसान उपाय के बारे में
कहते हैं शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी की पूजा के लिए उत्तम माना जाता है इसलिए शुक्रवार के दिन सुबह उठते ही मां लक्ष्मी को नमन कर, स्नान कर स्वच्छ सफेद या गुलाबी वस्त्र धारण करें. इसके बाद श्रीयंत्र व मां लक्ष्मी के चित्र के सामने खड़े होकर श्री सूक्त का पाठ करें. कमल का पुष्प मां लक्ष्मी को अर्पित करना लाभकारी साबित होगा
जब भी घर से किसी भी खास काम से निकलें, तो निकलने से पहले थोड़ा मीठा दही खाकर निकलें. इससे माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है
जिस घर में साफ-सफाई अथवा स्वच्छता रहती है वहां मां लक्ष्मी विराजती हैं.
शाम को सूर्यास्त के समय को गोधूलि बेला कहा जाता है. गोधूलि का अर्थ होता है गाय के पैरों से उठने वाली धूल. शाम के समय ही गाय चारा चरकर घर की ओर प्रस्थान करती है, इसलिए इसे गोधूलि बेला कहते हैं. इस समय मां लक्ष्मी की पूजा करना शुभ होता है
मां लक्ष्मी के समक्ष घी के दीये जलाना भी अच्छा होता है
नारियल को श्रीफल (Shrifal) यानी श्री का फल कहा जाता है. श्री का अर्थ लक्ष्मी होता है. इस चलते मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए नारियल को पूजा में रखना अच्छा होता है.
कमल का फूल यदि प्रत्येक दिन माता लक्ष्मी जी को कमल का फूल चढ़ाया जाए, तो लक्ष्मी जी प्रसन्न होती हैं, घर धन से भरा रहता है
धनिया जो धनिया सब्जी मसाला के रूप में प्रयोग करते हैं. खड़ी धनिया ले लें और लक्ष्मीजी के आसन के पास उसे फैला देते हैं, तो लक्ष्मी जी बहुत प्रसन्न होती हैं.
मान्यता है कि मुनक्का और मखाना दोनों को मिक्स करके लक्ष्मी जी के पास रखें तो लक्ष्मी जी प्रसन्न होती हैं और उनके ऊपर लक्ष्मी माता की कृपा हमेशा बरसती रहती है
प्रतिदिन सुबह-शाम दीपक जलाएं, विशेषकर शुक्रवार को माता लक्ष्मी को खीर का भोग लगाएं
माता लक्ष्मी के मंत्रों का जाप
माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए उनकी पूजा के दौरान लक्ष्मी मंत्रों का जाप किया जाता है.
लक्ष्मी बीज मंत्र
ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभयो नमः॥,
लक्ष्मी गायत्री मंत्र
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
महालक्ष्मी मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:॥
धार्मिक मान्यतानुसार जिस पर मां लक्ष्मी का हाथ हो उसे आर्थिक दिक्कतें नहीं घेर पातीं. माता लक्ष्मी को धन की देवी कहा जाता है. जिस जातक पर मां लक्ष्मी की कृपा हो या जिस घर में वे विराजित हों उस घर के लिए सुख-समृद्धि के द्वार खुल जाते हैं
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि tv27news किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें
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