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हर वित्तीय वर्ष की शुरुआत में देश में कुछ नियमों में बदलाव होते हैं और इस साल भी यानी 1 अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स, टेक होम सैलरी, रेलवे टिकट, फास्टैग और क्रेडिट स्कोर से जुड़ी कुछ व्यवस्थाओं के नियम बदलने जा रहे, जिनका असर आम लोगों पर पड़ेगा और जिसकी जानकारी होना बेहद जरूरी है।
फास्टैग का वार्षिक पास महंगा होगा
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी एनएचएआई ने फास्टैग के सालाना पास की कीमत बढ़ाने का फैसला किया है।इसकी वार्षिक फीस 3,000 रुपये थी, जो 1 अप्रैल से बढ़कर 3,075 रुपये हो जाएगी।यह वार्षिक पास गैर व्यावसायिक वाहनों के लिए है और इसका इस्तेमाल करीब 1,150 टोल प्लाज़ा पर किया जा सकता है।एक बार यह शुल्क चुकाने के बाद इसे एक साल तक या 200 टोल प्लाज़ा क्रॉसिंग तक इस्तेमाल किया जा सकता है।
रेलवे टिकट रद्द करने के शुल्क में बदलाव
1 अप्रैल से रेलवे टिकट कैंसिलेशन के नियम बदल रहे हैं।अगर ट्रेन के निकलने से 8 घंटे से 24 घंटे पहले टिकट रद्द किया जाएगा, तो 50 प्रतिशत रिफंड मिलेगा।24 से 72 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर 25 प्रतिशत राशि काटी जाएगी।जो यात्री ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 72 घंटे से अधिक पहले टिकट रद्द कराएंगे, उन्हें अधिकतम रिफंड मिलेगा और केवल एक निश्चित कैंसिलेशन शुल्क लिया जाएगा।8 घंटे से कम समय पहले टिकट रद्द करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा।इसके साथ ही ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग प्वाइंट बदल सकेंगे, जिन शहरों में एक से अधिक रेलवे स्टेशन हैं।
पैन कार्ड से जुड़े नए नियम
पैन कार्ड के लिए आवेदन करते समय अब केवल आधार कार्ड को जन्मतिथि का प्रमाण नहीं माना जाएगा। इसके लिए जन्म प्रमाणपत्र, कक्षा 10 का प्रमाणपत्र या पासपोर्ट भी देना अनिवार्य होगा।अब आधार कार्ड के अनुसार ही पैन कार्ड पर नंबर जारी किया जाएगा।इसलिए आधार से जुड़ी जानकारी का सही होना ज़रूरी है, पैन कार्ड के लिए आवेदन करने के फॉर्म भी 1 अप्रैल से नए होंगे।
क्रेडिट स्कोर से जुड़े नियम बदलेंगे
भारतीय रिज़र्व बैंक यानी आरबीआई ने बैंकों को आदेश दिया है कि वे क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनियों को साप्ताहिक आधार पर लोन से जुड़े डेटा की रिपोर्ट दें। यह आदेश 1 अप्रैल से लागू हो रहा है।बैंकों और अन्य कर्ज़ देने वाली संस्थाओं को हर महीने निर्धारित तारीख़ पर लोन का डेटा अपडेट करना अनिवार्य होगा।
और भी नियमों में बदलाव
1. नया आयकर अधिनियम 2025: 60 साल पुराना कानून बदलकर 'आयकर अधिनियम 2025' लागू होगा।
2. HRA छूट के कड़े नियम: मकान किराया भत्ता (HRA) छूट के लिए अब मकान मालिक का PAN और रेंट एग्रीमेंट अनिवार्य होगा।
3. सैलरी में बदलाव: बेसिक सैलरी 50% होने से टेक-होम सैलरी कम और PF-ग्रेच्युटी बढ़ सकती है।
4. LPG-PNG की कीमतें: हर महीने की तरह एलपीजी सिलेंडर के दाम अपडेट होंगे।
5. डिजिटल पेमेंट की सुरक्षा: UPI पेमेंट में अब OTP के साथ PIN या फिंगरप्रिंट अनिवार्य होगा।
6. ULIP पर टैक्स: 2.5 लाख से ज्यादा सालाना प्रीमियम वाली ULIP पॉलिसियों पर कैपिटल गेन टैक्स लगेगा।
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