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एमपी सरकार का कर्ज 5.06 लाख करोड़ पार, : मोहन आज फिर लेंगे 5800 करोड़ का ऋण, चालू वित्त वर्ष में कर्ज का आंकड़ा पहुंचा 84,900 करोड़ पर

मोहन आज फिर लेंगे 5800 करोड़ का ऋण, चालू वित्त वर्ष में कर्ज का आंकड़ा पहुंचा 84,900 करोड़ पर
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admin

Mar 10, 202601:14 PM

भोपाल। वित्तीय वर्ष के अंतिम चरण में मध्य प्रदेश सरकार एक बार फिर कर्ज लेने जा रही है। इस बार सरकार तीन किस्तों में 5,800 करोड़ रुपये का ऋण भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से लेगी। इस कर्ज के साथ ही मप्र सरकार का कर्ज 5.06 लाख करोड़ के पार पहुंच गया है। मंगलवार को लिया जाने वाला कर्ज विकास परियोजनाओं और आर्थिक गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से लिया जा रहा है।

बता दें कि सरकार ने होली के दौरान भी 6300 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। इसके एक सप्ताह बाद ही 5800 करोड़ रुपए का कर्ज लेने का फैसला किया है। इसका भुगतान बुधवार को किया जाएगा। इन नए कर्जों के साथ चालू वित्त वर्ष में राज्य सरकार द्वारा लिए गए कुल कर्ज का आंकड़ा बढ़कर करीब 84,900 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा। वहीं प्रदेश पर कुल देनदारी बढ़कर लगभग 5 लाख 6 हजार 640 करोड़ रुपए हो जाएगी।

तीन किस्तों में लिया जाएगा कर्ज

वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह कर्ज 10 मार्च यानी मंगलवार को तीन किस्तों में लिया जाएगा। पहली किस्त 1,900 करोड़, दूसरी 1,700 करोड़ और तीसरी 2,200 करोड़ रुपये की होगी। अधिकारियों का कहना है कि यह राशि मुख्य रूप से पूंजीगत कार्यों, यानी अधोसंरचना विकास और विभिन्न विकास परियोजनाओं में खर्च की जाएगी।

जीतू ने सरकार पर लगाया गंभीर आरोप

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर प्रदेश को कर्ज में डुबोने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि लगातार कर्ज लेने से प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ रहा है। वहीं, सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी कर्ज वित्तीय अनुशासन और राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम के नियमों के तहत लिया जा रहा है।

सरकार का दावा

सरकार का यह दावा है कि लिया गया कर्ज विकास कार्यों और पूंजीगत परियोजनाओं में निवेश किया जाएगा, जिससे रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। वित्त विभाग का कहना है कि राज्य के कर्ज लेने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियामक दिशानिर्देशों के अनुसार है। इस तरह मध्य प्रदेश सरकार के ऊपर बढ़ता कर्ज और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप दोनों ही अब चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।

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