Latest News

भोपाल। मध्यप्रदेश में सरकारी महकमों के कर्मचारियों एवं अधिकारियों की पेंशन निर्धारण प्रक्रिया अब ऑन लाइन होगी। समस्याएं भी ऑन लाइन दर्ज होंगी। समाधान भी ऑन लाइन मिलेगा। खास बात यह होगी कि ये पूरी कवायद पेपर लेस और फेस लेस होगी। उसे पेंशन संबंधी किसी भी समस्या के समाधन के लिए सरकारी पेंशन कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इस व्यवस्था के बाद पेंशनर्स को बिना किसी प्रशासनिक बाधा के पेंशन मिल सकेगी।
राज्य में यह पूरी व्यवस्था एक अप्रैल से प्रदेश प्रभावी होने जा रही है। यही नहीं पहली अप्रैल से ही प्रदेश के 4.64 लाख पेंशनर्स को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के जरिये पेंशन दी जायेगी। अभी तक यह पेंशन कई बैंको के जरिये दी जाती थी। अब एसबीआइ सीधे पेंशनर्स के किसी भी बैंक के खाते में सीधे राशि भेजेगा। सभी जिलों में पेंशन देने और उसके निर्धारण की प्रक्रिया को पेपर लेस और फेसलेस बनाने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य होगा। यहां पेंशन निर्धारण की पूरी प्रक्रिया भोपाल स्थित मुख्यालय से केंद्रीकृत रूप से संचालित होगी।
बंद होंगे सभी जिला पेंशन कार्यालय
इस सुधार प्रक्रिया के तहत राज्य सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के सभी जिलों में स्थित पेंशन कार्यालयों को बंद किया जाएगा। हालांकि, संभागीय मुख्यालयों में स्थित कार्यालय पहले की तरह काम करते रहेंगे। पेंशन निर्धारण की पूरी प्रक्रिया अब भोपाल स्थित मुख्यालय से केंद्रीकृत रूप से संचालित होगी। इस प्रणाली की सबसे खास बात इसकी पारदर्शिता और सीक्रेसी है। अब किसी भी कर्मचारी को यह पता नहीं चलेगा कि उसकी पेंशन का निर्धारण कौन-सा अधिकारी कर रहा है। उदाहरण के लिए, भिंड में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी की पेंशन फाइल का निर्धारण जबलपुर में बैठा कोई भी डिप्टी डायरेक्टर कर सकता है। सरकार का मानना है कि इस कदम से स्थानीय स्तर पर होने वाले भ्रष्टाचार और अनावश्यक दबाव पर पूरी तरह से रोक लगेगी।
फेसलेस और ऑन लाइन प्रक्रिया के मायने
इन दिनों राज्य के सरकारी सिस्टम में फेसलेस और पेपर लेस के नवाचार हो रहे हैं। इसमें किसी को स्वयं किसी विभाग में नहीं जाना पड़ता। वह सिर्फ ऑन लाइन आवेदन करता है। समाधान तक का पूरा स्टेटस ऑन लाइन उसे मिलता रहता है। उसके सारे सत्यापन ऑन लाइन होते हैं।
नयी व्यवस्था लागू करने इस तरह की गयी तैयारी
बता दें कि यह निर्णय रायसेन जिले में एक मार्च से शुरू हुए प्रयोग के बाद लिया है। यहां ये प्रयोग सफल रहा। इसकी सफलता को देखते 10 अन्य जिलों को भी पेंशन व्यवस्था बदलाव प्रक्रिया में शामिल किया गया। यहां की सफलता के बाद वित्त विभाग की तरफ से इसे अब प्रदेश के सभी 55 जिलों में लागू करने की तैयारी कर ली है। इससे पहले छत्तीसगढ़ में यह प्रयोग हुआ था, लेकिन कमियां रह गयीं। हालांकि मध्यप्रदेश ने वहां की कमियों से सीख लेकर इसकी सटीक तैयारी की है।
यह होगा बदलाव
अब पेंशन का पूरा सिस्टम स्टेट बैंक ऑफ इंडिया चलाएगा
ये बैंक नोडलध्एग्रीगेटर बैंक की तरह काम करेगी।
यह सभी पेंशनर्स के खातों में पैसे ट्रांसफर करेगा।
पेंशनर्स को बैंक बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी
अभी यह होती थी समस्या
पेंशनर्स को बैंक बदलनी पड़ती थी।
समस्याओं के समााधान में देरी होती थी। तमाम प्रशासनिक अड़चनों का सामना करना पड़ता था।
रिटायरमेंट के बाद पेंशन शुरू होने में देर लगती थी।
वेतन फिक्सेशन की गलती-छोटी गलती से महीनों पेंशन अटक जाती थी।
किसको क्या फायदा
पेंशनर्स
किसी भी बैंक खाते में पेंशन
ऑनलाइन व्यवस्था से प्रक्रिया आसान
पेंशन शुरू होने में देरी कम
डीए बढने या वेतन संशोधन का तत्काल लाभ
सरकार को क्या फायदा
भ्रष्टाचार की आशंकाएं समाप्त हो जायेंगी।
फाइलें जल्दी निपटेंगी
स्थानीय दबाव खत्म होगा
अमले का सदुपयोग
फैक्ट फाइल
हर साल लगभग 22 हजार कर्मचारी रिटायर होते हैं
इनको सालाना करीब 30 हजार करोड़ का भुगतान होता है।
Advertisement
