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इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 300 अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती है। इंदौर की इस दर्दनाक त्रासदी पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। इस गंभीर घटना को मानवाधिकार उल्लंघन की श्रेणी में मानते हुए आयोग ने मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
आयोग ने अपने बयान में कहा है कि रिपोर्ट के अनुसार भगीरथपुरा इलाके के निवासी कई दिनों से दूषित पानी की आपूर्ति की शिकायत कर रहे थे, लेकिन इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आयोग ने इस मामले में मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
रिपोर्ट में यह सब चीजें करनी होंगी शामिल
रिपोर्ट में यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि दूषित पानी की आपूर्ति कैसे हुई, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका क्या रही और पीड़ितों को क्या राहत दी गई ? भागीरथपुरा में पीने के पानी की मुख्य लाइन के पास सीवरेज लाइन में लीकेज होने से गंदा पानी सप्लाई लाइन में मिल गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई दिनों से बदबूदार और गंदा पानी आने की शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोगों को उल्टी-दस्त और अन्य गंभीर लक्षणों के चलते अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
नगर निगम की जल आपूर्ति व्यवस्था ने खड़े किए गंभीर सवाल
आयोग ने यह भी कहा है कि यदि रिपोर्ट्स सही पाई जाती हैं, तो यह प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला है, जिसमें लोगों के जीवन और स्वास्थ्य के अधिकार का उल्लंघन हुआ है। इस मामले ने नगर निगम की जल आपूर्ति व्यवस्था और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सीएम कर चुके हैं हाईलेवल मीटिंग
इससे पहले, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को इंदौर में दूषित पानी की आपूर्ति से उत्पन्न स्थिति को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में हालात की समीक्षा के साथ-साथ राहत और बचाव कार्यों के समन्वय पर चर्चा की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव, संभागीय आयुक्त सुदाम खड़े, जिला कलेक्टर शिवम वर्मा और इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार उपस्थित रहे।
सीएम ने पीड़ित परिजनों को 2-2 लाख आर्थिक सहायता देने की घोषणा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही दूषित पानी से प्रभावित सभी लोगों को निशुल्क इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उपचाराधीन लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने इस मामले में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।
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