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नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र का आज 7वां दिन है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आज धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब पीएम मोदी को देना था, लेकिन पीएम की भाषण के बिना ही हंगामे के बीच धन्यवाद प्रस्ताव लोकसभा से पारित हो गया है। 2004 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना पास हुआ है। इससे पहले 10 जून 2004 को विपक्ष ने तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह को धन्यवाद प्रस्ताव पर नहीं बोलने दिया गया था।
बता दें कि पीएम मोदी 4 फरवरी को चर्चा का जवाब देने वाले थे। इसके लिए शाम 5 बजे का समय भी तय था, लेकिन हंगामे की वजह से ऐसा नहीं हो सका था। इसके बाद संभावनाएं जताई जा रही थीं कि पीएम आज इस चर्चा का जवाब दे सकते हैं। अब इन सभी कयासों पर विराम लग गया है। पीएम की स्पीच के बिना ही हंगामे के बीच धन्यवाद प्रस्ताव लोकसभा से पारित हो गया है। स्पीकर ओम बिरला ने हंगामे के बीच ही धन्यवाद प्रस्ताव को वोटिंग के लिए लिया और ध्वनिमत से सदन ने इसे पारित कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री आज शाम 5 बजे राज्यसभा में भाषण दे सकते हैं।
दोनों सदनों में हुआ जमकर हंगामा
बता दें कि गुरुवार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों में जमकर हंगामा हुआ। लोकसभा शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की। इस पर स्पीकर ने पहली बार 65 सेकंड के भीतर और दूसरी बार 5 मिनट में कार्यवाही स्थगित कर दी। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। वहीं राज्यसभा में राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने से रोकने के मुद्दे पर राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच तीखी तकरार हुई।
नड्डा-खड़गे के बीच हुई तीखी बहस
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि राहुल को पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब नहीं बोलने दिया गया। मैं उस किताब पर यहां बात करना चाहता हूं। इस पर नड्डा ने उन्हें बीच में रोकते हुए कहा कि दूसरे सदन की बात यहां नहीं कर सकते। आप कांग्रेस को अबोध बालक का बंधक न बनने दें। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी को बोलने का पूरा मौका दिया गया। उनको कई बार मौका दिया गया। सदन नियमों से चलेगा। वह नियम ही नहीं मानते। लगातार हंगामे के बाद विपक्षी सांसद राज्यसभा से वॉकआउट कर गए।
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