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दिल्ली। संसद के उच्च सदन यानि राज्यसभा से आज 37 सांसद सेवानिवृत्त हो गए हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सदन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अपने भावुक, परिपक्व और स्पष्ट राजनीतिक संदेश में कहा कि सक्रिय राजनीति में भले ही भूमिका बदलती हो, लेकिन जनसेवा का संकल्प सार्वजनिक जीवन की प्रतिबद्धता कभी समाप्त नहीं होती।
पीएम मोदी ने निवर्तमान सांसदों के योगदान को सराहा। उन्होंने कहा कि राज्यसभा से रिटायर हो रहे सांसदों की विदाई महज औपचारिकता तक सीमित नहीं रही, बल्कि वह संसदीय परंपराओं, राजनीतिक संस्कारों और लोकतांत्रिक निरंतरता का एक सशक्त प्रतीक बनकर उभरी है। पीएम ने सदन के दिग्गज नेताओं एचडी देवेगौड़ा, मल्लिकार्जुन खड़गे और शरद पवार का उल्लेख करते हुए कहा कि इन नेताओं का दशकों का अनुभव केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि संसदीय परंपराओं की अमूल्य धरोहर है, जिससे नई पीढ़ी के सांसदों को राजनीतिक अनुशासन और प्रतिबद्धता सीखनी चाहिए।
हर दो साल में आता है भावुक अवसर
राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, यह एक ऐसा अवसर है जो हर दो साल में एक बार इस सदन में हमें भावुक क्षणों में सराबोर कर देता है। सदन में कई विषयों पर चर्चा होती है, जिनमें से प्रत्येक का अपना महत्व होता है, लेकिन जब ऐसा अवसर आता है, तो हम अपने उन सहयोगियों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं जो एक विशेष उद्देश्य के लिए आगे बढ़ रहे हैं। पीएम ने कहा, कुछ सहकर्मी यहां से विदाई लेकर लौट रहे हैं, कुछ यहां से अपने अनुभव का लाभ उठाकर सामाजिक जीवन में योगदान देने जा रहे हैं। जो लोग जा रहे हैं लेकिन वापस नहीं लौटेंगे, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि राजनीति में कभी विराम नहीं लगता।
सदन के अंदर रहते हैं कुछ खट्टे-मीठे अनुभव
सदन के अंदर अनेक विषयों पर चर्चाएं होती हैं, हर किसी का महत्वपूर्ण योगदान होता है, कुछ खट्टे-मीठे अनुभव भी रहते हैं। लेकिन, जब ऐसा अवसर आता है, तो स्वाभाविक रूप से दलगत भावना से ऊपर उठकर हम सबके भीतर एक समान भाव प्रकट होता है कि हमारे ये साथी अब किसी और विशेष काम के लिए आगे बढ़ रहे हैं। आज यहां से जो साथी विदाई ले रहे हैं, उनमें से कुछ फिर से आने के लिए विदाई ले रहे हैं और कुछ विदाई के बाद यहां का अनुभव लेकर सामाजिक जीवन में कुछ न कुछ विशेष योगदान के लिए जा रहे हैं।
राजनीति में नहीं होता कोई फुल स्टाॅप
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, जो जा रहे हैं, लेकिन आने वाले नहीं हैं, उनको भी मैं कहना चाहूंगा कि राजनीति में कोई फुल स्टॉप नहीं होता है, भविष्य आपका भी इंतजार कर रहा है और आपका अनुभव, आपका योगदान राष्ट्र जीवन में हमेशा बना रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, हमारे उपसभापति हरिवंश सदन से विदा ले रहे हैं। हरिवंश को इस सदन में लंबे समय तक अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का अवसर मिला। वे बहुत ही मृदुभाषी हैं और सदन को चलाने में सबका विश्वास जीतने का इन्होंने निरंतर प्रयास किया है।
पीएम ने देवगौड़ा, खड़गे और पवार के योगदान को सराहा
प्रधानमंत्री ने कहा, मैं जरूर कहूंगा कि देवगौड़ा, खड़गे, शरद पवार ऐसे वरिष्ठ लोग हैं, जिनके जीवन की आधे से अधिक उम्र संसदीय कार्यप्रणाली में गई है और इतने लंबे अनुभव के बाद भी सभी नए सांसदों को इनसे सीखना चाहिए कि समर्पित भाव से सदन में आना, यथासंभव योगदान करना और जिम्मेदारी के प्रति पूरी तरह समर्पित कैसे रहा जा सकता है। मैं उनके योगदान की भूरि-भूरि सराहना करूंगा।
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