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अहमदाबाद। नाम और पहचान छिपाकर की जाने वाली लव जिहाद वाली शादियों पर रोक लगाने की तैयारी शुरू हो गई। अब अपनी पहचान छिपाकर या माता-पिता को अंधेरे में रखकर शादी करना आसान नहीं होगा। इसकी शुरुआत गुजरात से हुई है। राज्य सरकार ने इसके खिलाफ विधान सभा में कानून लाने की तैयारी की है। राज्य विधानसभा में इस मुद्दे पर शुक्रवार को जोरदार बहस हुई। राज्य सरकार ने गुजरात विवाह पंजीयन कानून में एक क्रांतिकारी बदलाव का प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव के तहत शादी करने से पहले माता-पिता को जानकारी देना अनिवार्य होगा।
दरअसल, सरकार ने लव-जिहाद को रोकने के लिए फैसला किया है। अब सरकार ने विवाह पंजीयन नियमों में बड़े बदलावों की घोषणा की है। इसके जरिए शादी के रजिस्ट्रेशन के लिए माता-पिता के हस्ताक्षर जरूरी है। इन नए नियमों का उद्देश्य सामाजिक ताने-बाने को सुरक्षित रखना और धोखाधड़ी से होने वाली शादियों पर लगाम लगाना है। नियम लागू होने के बाद गुजरात में शादी करने के कई नियम पूरी तरह बदल जाएंगे।
विधानसभा में उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने प्रस्ताव पेश कर एक उदाहरण देते हुए कहा, अगर कोई सलीम बनकर सुरेश के नाम से मासूम बेटियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाएगा, तो सरकार उससे ऐसे निपटेगी कि कोई दोबारा ऐसा करने के बारे में सोचेगा भी नहीं। सरकार का मानना है कि पहचान की चोरी कर भावनाओं के साथ खिलवाड़ करना एक गंभीर अपराध है। इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सदन को संबोधित करते हुए हर्ष संघवी ने उन लोगों को कड़ा संदेश दिया जो फर्जी पहचान बनाकर मासूम लड़कियों को अपने जाल में फंसाते हैं। उन्होंने लव जिहाद का जिक्र करते हुए कहा कि पहचान छिपाकर और फर्जी नाम से बेटियों को फंसाने वालों को सरकार किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेगी।
मैरिज रजिस्ट्रेशन एक्ट में होगा यह बदलाव
गुजरात सरकार ने शुक्रवार को आधिकारिक रूप से गुजरात मैरिज रजिस्ट्रेशन एक्ट के नियम 44 में बदलाव का प्रस्ताव पेश किया है। इसे जनहित का मुद्दा बताया गया है। इस बदलाव का मुख्य हिस्सा किसी भी शादी से पहले माता-पिता को सूचना देना और माता-पिता की जानकारी जमा करना है। इसे शादी दर्ज करने की कानूनी प्रक्रिया का अनिवार्य हिस्सा बनाया गया है।
माता-पिता दोनों के आधार कार्ड देने होंगे
नए बहु-स्तरीय प्रक्रिया के तहत युगल को औपचारिक घोषणा देनी होगी, जिसमें यह बताना होगा कि उन्होंने अपने माता-पिता को शादी की जानकारी दी है या नहीं। उन्हें मां और पिता दोनों के आधार कार्ड, स्थायी पता और मोबाइल नंबर देने होंगे। असिस्टेंट रजिस्ट्रार द्वारा दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद सरकार 10 दिन में माता-पिता को इसकी आधिकारिक सूचना भेजेगी।
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