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नई दिल्ली। इंदौर जिले के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 300 से अधिक अस्पतालों में भर्ती है। इस मामले को लेकर सियासी पारा हाई हो गया है। विपक्ष ने मप्र सरकार को अपने निशाने पर ले लिया है। लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतें को लेकर मोहन यादव सरकार निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि इंदौर में पानी नहीं, जहर बांटा गया। वहीं, प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, इंदौर में पानी नहीं, जहर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा। घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं और ऊपर से भाजपा नेताओं के अहंकारी बयान। जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी, सरकार ने घमंड परोस दिया। लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की फिर भी सुनवाई क्यों नहीं हुई?
राहुल ने सरकार से पूछा सवाल
राहुल ने राज्य सरकार से सवाल पूछते हुए कहा, सीवर पीने के पानी में कैसे मिला? समय रहते सप्लाई बंद क्यों नहीं हुई? जिम्मेदार अफसरों और नेताओं पर कार्रवाई कब होगी? ये ‘फोकट’ सवाल नहीं - ये जवाबदेही की मांग है। साफ पानी एहसान नहीं, जीवन का अधिकार है। इस अधिकार की हत्या के लिए भाजपा का डबल इंजन, उसका लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व पूरी तरह जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि साफ पानी एहसान नहीं, जीवन का अधिकार है और इसके लिए भाजपा की डबल इंजन, उसका लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व पूरी तरह जिम्मेदार है।
राहुल ने मोदी को भी लिया निशाने पर
राहुल गांधी ने कहा , मध्य प्रदेश अब कुप्रशासन का गढ़ बन चुका है - कहीं खांसी की सिरप से मौतें, कहीं सरकारी अस्पताल में बच्चों की जान लेने वाले चूहे और अब सीवर मिला हुआ पानी पीने से मौत। और जब-जब गरीब मरते हैं, मोदी जी हमेशा की तरह खामोश रहते हैं। बता दें कि इंदौर में जहरीले पानी से 15 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और कई लोग अस्पतालों में भर्ती हैं।
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