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नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान शुक्रवार को उस समय हंगामे की स्थिति पैदा हो गई, जब भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल के भीतर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस अचानक हुए प्रदर्शन से कुछ समय के लिए समिट के संचालन में व्यवधान आया और सुरक्षा एजेंसियों को तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, समिट के बीच युवा कांग्रेस के कई कार्यकर्ता अचानक खड़े हो गए और टी-शर्ट उतारकर नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने ‘पीएम इज कंप्रोमाइज’ जैसे नारे लगाए। उस समय कार्यक्रम में देश-विदेश के कई उद्योग जगत के प्रतिनिधि, नीति-निर्माता, तकनीकी विशेषज्ञ और विदेशी डेलीगेट्स मौजूद थे। इस हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय आयोजन के दौरान हुए विरोध ने कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बना दिया।
अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शन पूर्व-नियोजित प्रतीत होता है। जैसे ही नारेबाजी शुरू हुई, सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत स्थिति को संभाला। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और कार्यक्रम स्थल से बाहर ले जाया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने यह सुनिश्चित किया कि समिट की कार्यवाही बिना किसी बड़े व्यवधान के आगे बढ़ सके।
विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा, “ये नारे केवल इसलिए नहीं लगाए गए कि युवा कांग्रेस गुस्से में है, बल्कि इसलिए भी लगाए गए क्योंकि पूरे देश का युवा गुस्से में है। सरकार को युवाओं की आवाज सुननी चाहिए और देशहित से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।”
वहीं, मामले पर कार्रवाई की जानकारी देते हुए एडिशनल डीसीपी आनंद मिश्रा ने आईएएनएस से कहा, “हम अपनी कार्रवाई कर रहे हैं। संबंधित लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है।”
इस घटना के बाद युवा कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर भी बयान जारी किया। पोस्ट में कहा गया, “एआई समिट के ‘चमकदार मंच’ के पीछे वास्तविक मुद्दों को दबाया नहीं जा सकता। जब देशहित से ऊपर कॉरपोरेट हित दिखाई दे और विदेश नीति में नरमी साफ नजर आए, तब विरोध कर्तव्य बन जाता है। इसी उद्देश्य से भारतीय युवा कांग्रेस के जाबांज कार्यकर्ता भारत मंडपम पहुंचे, ताकि ‘कंप्रोमाइज्ड पीएम’ के खिलाफ आवाज बुलंद हो और देश की अस्मिता पर हो रहे कथित समझौते पर केंद्र सरकार को जवाब देना पड़े।”
गौरतलब है कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़े वैश्विक रुझानों, नीतिगत ढांचे और उद्योग सहयोग पर चर्चा की जा रही थी। ऐसे महत्वपूर्ण मंच पर हुए इस विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।
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