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उज्जैन। उज्जैन में चारधाम मंदिर के महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद को झूठे दुष्कर्म मामले में फंसाने की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में पुलिस ने पूर्व महामंडलेश्वर साध्वी मंदाकिनी पुरी और घनश्याम पटेल के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने वाराणसी की एक महिला को लालच देकर महाराज पर झूठा केस दर्ज कराने के लिए दबाव डाला।
जानकारी के अनुसार, महिला कुछ समय पहले उज्जैन आई थी। महाकाल दर्शन और शिप्रा परिक्रमा के दौरान उसकी पहचान घनश्याम पटेल, साध्वी मंदाकिनी पुरी और महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद से हुई। इसके बाद मंदाकिनी पुरी ने महिला को अपने घर बुलाया, जहां वह करीब एक सप्ताह तक रही। इस दौरान पटेल और मंदाकिनी पुरी ने महिला पर महाराज के खिलाफ केस दर्ज कराने का दबाव डाला।
पटेल ने महिला को 50 हजार का दिया था लालच
महिला के अनुसार, 27 फरवरी को पटेल वाराणसी पहुंचे और 50 हजार रुपये का लालच देकर केस दर्ज कराने की कोशिश की। पैसे महिला के बेटे के खाते में ट्रांसफर किए गए और उज्जैन तक का बस टिकट भी कर दिया गया। साथ ही, केस दर्ज न कराने पर मंदाकिनी पुरी द्वारा उसके अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी दी गई। डर के कारण महिला उज्जैन पहुंच गई।
विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज
रंगपंचमी के दिन महिला दत्त अखाड़ा परिसर में घनश्याम पटेल की मौजूदगी में बयान दे रही थी। इस दौरान आनंदपुरी महाराज, पंडित लोकेश शर्मा और संजय गोस्वामी वहां पहुंचे और उन्होंने मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा को दी। पुलिस ने महिला के मोबाइल और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद साध्वी मंदाकिनी पुरी और घनश्याम पटेल के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
घनश्याम पटेल ने आरोपों को बताया निराधार
घनश्याम पटेल ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि महिला ने अन्य लोगों के साथ मिलकर उनके खिलाफ षड्यंत्रपूर्वक फर्जी मामला दर्ज कराया। उन्होंने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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