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नई दिल्ली। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर शनिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब इंडिगो की विशाखापत्तनम से दिल्ली आ रही फ्लाइट 6ई 579 में तकनीकी खराबी की सूचना मिली। विमान के इंजन में संभावित गड़बड़ी के चलते एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने तुरंत ‘फुल इमरजेंसी’ घोषित कर दी, जिससे पूरे एयरपोर्ट प्रशासन में सतर्कता बढ़ा दी गई।
सुबह 10 बजकर 54 मिनट पर विमान ने रनवे 28 पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग की। इस दौरान रनवे के किनारे दमकल की गाड़ियां और एम्बुलेंस पहले से तैनात थीं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। पायलट की सूझबूझ और ग्राउंड स्टाफ की तत्परता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और 161 यात्रियों की जान सुरक्षित बच गई।
सभी यात्रियों को निकाला सुरक्षित
लैंडिंग के तुरंत बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित विमान से बाहर निकाला गया। मेडिकल टीम ने यात्रियों की जांच की और उन्हें उनके गंतव्य के लिए आगे रवाना कर दिया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तकनीकी खराबी के कारण ही इमरजेंसी कॉल दी गई थी। फिलहाल एयरलाइन की तकनीकी टीम विमान की विस्तृत जांच कर रही है ताकि खराबी के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
एक साल में 377 विमानों में आई तकनीकी गड़गड़ी
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में संसद की स्थायी समिति ने भारतीय विमानन क्षेत्र को लेकर गंभीर चिंता जताई थी। समिति की रिपोर्ट के अनुसार जनवरी 2025 से फरवरी 2026 के बीच 754 विमानों के ऑडिट में से 377 विमानों में लगातार तकनीकी खामियां पाई गईं, जो कुल बेड़े का लगभग 50 प्रतिशत है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना सिर्फ एक संयोग नहीं, बल्कि विमानन सुरक्षा से जुड़े बड़े मुद्दे का संकेत हो सकती है। रिपोर्ट में ‘फंडामेंटल रीसेट’ की जरूरत पर जोर दिया गया है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। आज की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या भारतीय आसमान में उड़ान भरने वाले विमानों की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह भरोसेमंद है या नहीं।
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