चावल उत्पादन में भारत का बजा डंका, : शिवराज का दावा- चीन को पीछे छोड़ दुनिया में बना नंबर-1, श्रेय दिया मोदी नेतृत्व को

नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 साल के दौरान दौरान भारत के कृषि क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव और प्रगति देखने को मिली है। यही नहीं उन्होंने यह भी दावा किया खाद्यान्न उत्पादन, चावल में भारत दुनिया में नंबर-1 भी बना है। उन्होंने दलहन और तिलहन के क्षेत्र में भी सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया।
शिवराज ने बताया कि एक समय ऐसा भी था जब भारत को अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए विदेशों से गेहूं मंगाना पड़ता था। उस दौर में अमेरिका से पीएल-480 योजना के तहत लाल गेहूं आयात कर देश की जनता को खिलाया जाता था। लेकिन आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं और भारत खाद्यान्न उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर ही नहीं बल्कि दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो गया है।
किसानों की मेहतन-सरकार की नीतियों के कारण देश भरे अन्न भंडार
शिवराज ने कहा कि आज किसानों की मेहनत और सरकार की नीतियों के कारण देश के अन्न भंडार भर चुके हैं। खासकर चावल के उत्पादन में भारत ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने बताया कि लगभग 150 मिलियन टन चावल उत्पादन के साथ भारत ने चीन को पीछे छोड़ते हुए दुनिया में पहला स्थान हासिल कर लिया है। उन्होंने कहा कि अगर कुल खाद्यान्न उत्पादन की बात करें तो साल 2014 तक देश में लगभग 252 मिलियन टन उत्पादन होता था, लेकिन आज यह बढ़कर करीब 357 मिलियन टन तक पहुंच गया है। यह वृद्धि किसानों की मेहनत, बेहतर नीतियों और आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल का परिणाम है।
बागवानी क्षेत्र में हुई प्रगति का भी शिवराज ने किया जिक्र
केंद्रीय मंत्री ने बागवानी क्षेत्र में हुई प्रगति का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि फलों और सब्जियों के उत्पादन, क्षेत्रफल और उत्पादकताकृतीनों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पहले जहां बागवानी फसलों का उत्पादन लगभग 277 मिलियन टन था, वहीं अब यह बढ़कर करीब 369 मिलियन टन हो गया है। इससे किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिल रही है।
दलहन-तिलहन क्षेत्र में सरकार के प्रयासों का किया उल्लेख
उन्होंने दलहन और तिलहन के क्षेत्र में भी सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में दलहन का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता दोनों है। हालांकि अभी भी कुछ मात्रा में आयात करना पड़ता है, लेकिन सरकार लगातार उत्पादन बढ़ाने के लिए काम कर रही है। इसी दिशा में तुअर, मसूर और उड़द जैसी दालों की किसानों के जितनी चाहें उतनी खरीद करने का फैसला किया गया है।
किसानों को तकनीकी सहायता देने डिजिटल प्लेटफार्म विकसित कर रही सरकार
शिवराज ने बताया कि किसानों को सही जानकारी और तकनीकी सहायता देने के लिए सरकार एक बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म भी विकसित कर रही है। इसका उद्देश्य यह है कि किसानों को खेती से जुड़ी सारी जरूरी जानकारी एक ही जगह पर उपलब्ध हो सके। इस प्लेटफॉर्म के पहले चरण को भी लॉन्च किया जा चुका है, जिसमें किसान अपनी भाषा में फोन कॉल के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
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