Latest News

भोपाल। मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पिछले तीन दिनो ंसे सक्रिय खराब मौसम सूबे के करीब 21 जिलों को अपने केन्द्र पर ले रखा है। गरज-चमक के साथ हो रही बारिश, गिरते ओलों ने फसलों को चौपट कर दिया है। मालवा-निमाड़, ग्वालियर-चंबल, महाकौशल और और विंध्य में गिरे ओलों और बारिश से 50 फीसदी फसलें बर्बाद हो गई हैं।
कुदरत की मार से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई है।इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों को अब आर्थिक संकट में लाकर खड़ा कर दिया है। ऐसे में उनकी नजरें सरकार की मदद पर टिक गई हैं। यही नहीं, राज्य के कई हिस्सों में तबाही मचाने के बाद शनिवार को रीवा-सिंगरौली बेल्ट समेत 14 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का खतरा बना हुआ है।
बड़वानी में मक्के की फसल तबाह
बता दें कि इस समय किसान कटाई की तैयारी में थे, लेकिन अचानक बदले मौसम ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। तेज ठंडी हवाओं और काले बादलों ने पूरे इलाके का माहौल बदल दिया। बड़वानी जिले के तलून क्षेत्र में शुक्रवार रात हुई बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी से खेतों में खड़ी मक्का और केले की फसलें पूरी तरह चैपट हो गई हैं। अकेले तलून क्षेत्र में ही लगभग 100 से 150 एकड़ में लगी मक्का की फसल आंधी के कारण जमीन पर बिछ गई है, जिससे किसानों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
मनावर में भी फसलों को भारी नुकसान
वहीं मनावर और आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार रात तेज हवा, आंधी और भारी बारिश हुई। इस मौसमी बदलाव के कारण ग्राम खेड़ी हवेली और पीपरीमान क्षेत्र में मक्का, गेहूं, चना, पपीता और केले की फसलों को भारी नुकसान होने का अनुमान है।
सरकार से मुआवजे की आस में भितरवार अंचल के किसान
इसी तरह ग्वालियर के भितरवार अंचल के तमाम ऐसे गांव है जहां फसलों को नुकसान हुआ है और अब किसान सरकार से मुआवजे की आस में है। सेकरा जागीर के किसान दीपक, आकाश, अमर सिंह, बृजमोहन, सुघर सिंह, लक्ष्मण सिंह बताते है कि फसलें में करीब 50 फीसदी का नुकसान है फिलहाल कोई भी सरकारी कर्मचारी सर्वे के लिए नहीं पहुंचा।
खेतों में खड़ी है गेहूं और चना फसल
मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। सुल्तानगंज तहसील के कई गांवों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में खड़ी फसल पर खतरा मंडराने लगा है।सुल्तानगंज तहसील अंतर्गत नई गढ़िया, गोपई, उमरहारी और गुलवाड़ा गांवों में अचानक मौसम बिगड़ गया। यहां बारिश के साथ चने और बेर के आकार के ओले गिरे। ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी गेहूं और चना जैसी फसलों को नुकसान पहुंचाने की आशंका बढ़ा दी है।
काले बादलों ने माहौल बदल दिया
सुल्तानगंज और बेगमगंज क्षेत्र में भी बारिश का असर देखने को मिला, जहां बाजार में चांद रात को लेकर सजी दुकानों पर बारिश ने खलल डाल दिया। दुकानदारों को भी नुकसान उठाना पड़ा।
Advertisement
