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नई दिल्ली। भारत मंडपम में मंगलवार को चुनाव आयोग और देशभर के राज्य निर्वाचन आयुक्तों का राष्ट्रीय राउंड टेबल सम्मेलन शुरू हुआ। खास बात यह है कि इस तरह की बैठक 27 वर्षों बाद आयोजित की गई है। इससे पहले ऐसा सम्मेलन वर्ष 1999 में हुआ था।
सम्मेलन की अध्यक्षता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने की। इस अवसर पर चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी मौजूद रहे। देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य निर्वाचन आयुक्त अपने कानूनी और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। इसके साथ ही 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी भी सम्मेलन में शामिल हुए।
चुनाव आयुक्त ने प्रतिभागियों को संबोधित कर तय की चर्चा की दिशा
सम्मेलन की शुरुआत में मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों ने प्रतिभागियों को संबोधित कर चर्चा की दिशा तय की। इस दौरान आयोग ने लोकतंत्रों का संगम नाम की पुस्तक का भी लोकार्पण भी किया। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि देश के हित और संवैधानिक तालमेल के लिए चुनाव आयोग और राज्य चुनाव आयोग को वोटर को ध्यान में रखते हुए मिलकर काम करना चाहिए।
सम्मेलन का उद्देश्य चुनावी प्रक्रियाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना
यह दिनभर चलने वाला सम्मेलन चुनाव प्रबंधन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के उपयोग, उसकी पारदर्शिता और सुरक्षा विशेषताओं पर विस्तार से प्रस्तुति दी जा रही है। साथ ही नई डिजिटल प्रणाली श्ईसीआईनेटश् पर भी विशेष प्रस्तुति रखी गई है। इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य चुनावी प्रक्रियाओं को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बनाना है।
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