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भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को सदन में औकात में रहो कहे जाने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस पर माफी मांग ली, लेकिन विजयवर्गीय के तेवर अब भी नरम नहीं पड़े हैं। उन्होंने अपने बयान पर खेद जताने से भी साफ इंकार कर दिया।
बता दें राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान अदाणी समूह से जुड़े मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इसी दौरान विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से कहाए औकात में रहो। इस बयान के बाद सदन में हंगामा बढ़ गया और विपक्ष ने मंत्री के इस्तीफे की मांग कर दी। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने घटना पर अफसोस जतायाए वहीं मुख्यमंत्री ने सदन में माफी मांगकर मामले को शांत करने की कोशिश की।
हालांकि, मीडिया से बातचीत में विजयवर्गीय ने अपने बयान पर खेद जताने से इनकार कर दिया। जब पत्रकारों ने कहा कि आपकी तरफ से सीएम ने माफी मांगी है, तो उन्होंने जवाब दिया कप्तान है वो तो यार माफी मांगी तो क्या हो गया। उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एक अन्य सवाल पर कि क्या जुबान पर शनि बैठा है... उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि यह किसी ज्योतिषी से पूछेंगे।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पलटवार करते हुए कहा कि मंत्री किसानोंए युवाओं और बेरोजगारों को भी श्औकातश् बता रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि श्भागीरथपुरा का भूतश् अब भी विजयवर्गीय के पीछे पड़ा है। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया है।
इधर, विजयवर्गीय के बयान के विरोध में युवा कांग्रेस ने घेराव की घोषणा की है। इसे देखते हुए उनके भोपाल स्थित निवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बंगले के आसपास बैरिकेडिंग की गई है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि श्हमारा मोहल्ला बड़ा हैए उनका छोटा। अगर वे घेराव करेंगे तो हम भी जवाब देंगे। इस बयानबाजी के बीच प्रदेश की राजनीति में तनाव और बढ़ता नजर आ रहा है।
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