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नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को पेश किए बजट 2026-27 में 'बायोफार्मा शक्ति' स्कीम का ऐलान किया है। बजट भाषण में वित्त मंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य रोजगार, बुनियादी ढांचा विकास, रेलवे कॉरिडोर और विदेश में सस्ती शिक्षा जैसे कई बड़े एलान किए गए। वित्त मंत्री ने इसके अलावा भी कई बड़े एलान किए। पढ़ें केन्द्र सरकार के बड़े ऐलान।
लोकसभा में बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि युवाओं की क्षमता बढ़ाने पर क्या-क्या एलान किए गए हैं। इसके तहत युवा भारत के लिए सेवा क्षेत्र पर जोर बढ़ाया जाएगा। शिक्षा से रोजगार और उद्यम पर बनेगी उच्चाधिकार प्राप्त स्थायी समिति। 2047 तक 10 फीसदी की वैश्विक हिस्सेदारी के साथ सेवा क्षेत्र में देश को अग्रणी बनाया जाएगा। यह समिति विकास, रोजगार और निर्यात की संभावनाओं पर जोर देगी। उन्होंने बताया कि विकसित भारत के लिए कुशल पेशेवरों को तैयार करने के लिए प्रस्ताव तैयार किए गए हैं।
बैंकिंग सेक्टर के लिए क्या एलान?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण के दौरान बैंकिंग सेक्टर के लिए कई एलान किए। उन्होंने कहा- बैंकिंग क्षेत्र में सुधार-आधारित विकास जारी रहेगा। इसके साथ ही विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्च-स्तरीय समिति के गठन का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं इसमें विद्युत वित्त निगम और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम के पुनर्गठन का प्रस्ताव भी हैं। उन्होंने कहा विदेशी मुद्रा प्रबंधन नियमावली की व्यापक समीक्षा होगी। इसके साथ ही कॉरपोरेट बॉन्ड क्षेत्र में निधियों और डेरिवेटिव्स के लिए अवसरों पर जोर दिया जाएगा और कॉरपोरेट बॉन्ड्स पर पूर्ण रिटर्न स्वैप शुरू करने का प्रस्ताव है। वित्त मंत्री ने कहा- बड़े शहरों में ज्यादा मूल्य के म्यूनिसिपल बॉन्ड के बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। वहीं 1000 करोड़ से अधिक के एकल बॉन्ड के लिए 100 करोड़ के प्रोत्साहन का प्रस्ताव भी बजट में रखा गया है। इसके साथ ही छोटे-मध्यम कस्बों के लिए 200 करोड़ रुपये तक के बॉन्ड वाली अमृत योजना जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि पीआरओआई के लिए व्यापार की सुगमता बढ़ाई जाएगी और व्यक्तिगत पीआरओआई के लिए निवेश सीमा पांच से बढ़ाकर 10 फीसदी की जाएगी। व्यक्तिगत पीआरओआई के लिए समग्र निवेश सीमा 10 फीसदी से बढ़ाकर 24 फीसदी होगी।
बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के लिए क्या एलान?
अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने बताया कि इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के लिए क्या योजनाएं बनाई गई हैं। उन्होंने कहा- पिछले दशक में सरकार ने इन्फ्रा निवेश पर काफी ध्यान दिया। वहीं पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में इन्फ्रा और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर जारी रहेगा। इसके लिए-
2026-27 में पूंजीगत खर्च को 12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव।
आंशिक लोन गारंटी के लिए इन्फ्रा जोखिम गारंटी निधि स्थापित होगी।
समर्पित आरईआईटी से रियल एस्टेट परिसंपत्तियों की रिसाइक्लिंग में तेजी का प्रस्ताव।
कार्गो के पर्यावरण अनुकूल आवागमन को बढ़ावा देने के लिए कई प्रस्ताव लाए जाएंगे।
पूर्व में डानकूनी से पश्चिम में सूरत तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनेगा।
बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के लिए क्या?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में बताया कि स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के लिए क्या घोषणाएं की गई। इसमें-
शिक्षा से रोजगार और उद्यम पर फोकस किया जाएगा। विकसित भारत का कोर ड्राइवर सेवा क्षेत्र रहेगा। इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाएगी, जो अक समेत प्रौद्योगिकियों से पड़ने वाले असर का आकलन करेगी।
दक्षता आधारित रोजगार पर ध्यान दिया जाएगा। स्वास्थ्य पेशेवर बनाने वाले संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। रेडियोलॉजी, एनेस्थीशिया जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा। अगले पांच वर्ष में एक लाख एएचपी जोड़े जाएंगे। 1.5 लाख केयर गिवर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा।
मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाए जाएंगे। इसमें निजी क्षेत्र की सहभागिता रहेगी। हेल्थकेयर कॉम्प्लेक्स बनेंगे। इनमें आयुष केंद्र होंगे। डायग्नोस्टिक, पोस्टर केयर और रीहैब के केंद्र रहेंगे। इससे स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
दुनियाभर में सम्मान हासिल कर चुकी प्राचीन योग पद्धति और आयुर्वेद पर जोर दिया जाएगा। तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थान बनाए जाएंगे।
आॅरेंज इकोनॉमी: गेमिंग, कॉमिक जैसे सेक्टर में 2030 तक 20 लाख पेशेवरों की जरूरत है। एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित होंगी। पूर्वी भारत में नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान की स्थापना होगी।
शिक्षा: पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप की बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक गलियारों के पास स्थापना होगी। हर जिले में एक महिला छात्रावास बनेगा।
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मानसिक स्वास्थ्य और अन्य सुधार: उत्तर भारत में ठकटऌअठर-2। एक नया राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान। डिजिटल प्रोफेशनल्स और कंटेंट क्रिएटर्स की मानसिक सेहत पर ध्यान। रांची और तेजपुर की स्वास्थ्य संस्थाओं को अपग्रेड। जिला अस्पतालों में इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर की क्षमता 50% बढ़ाना। आर्टिफिशियल लिम्ब्स बनाने को सपोर्ट।
कपड़ा उद्योग के लिए बजट में क्या?
वित्त मंत्री ने इस दौरान बताया कि कपड़ा उद्योग के लिए बजट में क्या-क्या घोषणाएं शामिल हैं। इसके तहत रेशम ऊन और जूट से जुड़े फाइबरों में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना लाई जाएगी। पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकर के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना आएगी। बुनकरों और कारीगरों की मदद के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम लाए जाएंगे।
वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी और परिधाओं को बढ़ावा देने के लिए टैक्स-इको पहल।
वस्त्र कौशल परिवेश के आधुनिकीकरण और उन्नयन के लिए समर्थ 2.0 का एलान।
मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव।
महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव। हथकरघा उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने की जरूरत। यह प्रशिक्षण कौशल और उत्पादन गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा। योजना से एक जिला-एक उत्पाद पहल और ग्रामीण युवाओं को लाभ मिलेगा।
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