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भोपाल। मप्र में एक बार फिर कांग्रेस विधायकों के दलबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। निकट भविष्य में कोई बड़ा चुनाव नहीं है, इस वजह से विधायकों के दलबदल की चर्चा को ज्यादा तूल नहीें दिया जा रहा है। जिन विधायकों को लेकर चर्चा है, उनमें पृथ्वीपुर विधायक नितेन्द्र सिंह राठौर और टिमरनी विधायक अभिजीत शाह हैं। दोनों विधायकों की अलग-अलग वजह से भाजपा में शामिल होने या भाजपा नेताओं से निकटता बढने की चर्चा है। इनमें से नितेन्द्र राठौर की अटकलों का खंडन करते हुए कहा वे क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री से मिले थे और आगे जरूरत पड़ी तो प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों से भी मिलेंगे। वहीं अमरवाड़ा विधायक कमलेश शाह के मोहन मंत्रिमंडल में शामिल होने की संभावना है।
दरअसल, पिछले एक महीने के दौरान कांग्रेस के दो विधायकों के नाम अचानक सुर्खियों में आए हैं। अभिजीत शाह हरदा जिले के टिमरनी से विधायक हैं। वे मप्र सरकार के जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री विजय शाह के सगे भतीते हैं। वे पिछले महीने हरदा में आयोजित हिन्दू सम्मेलन में शामिल हुए थे। तभी से उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें शुरू हो गई हैं। इस संबंध में वे स्थानीय स्तर पर सफाई भी दे चुके हैं। उनके हिंदू सम्मेलन में जाने पर स्थानीय स्तर पर पार्टी में विवाद उठा तो उन्होंने खुद के सोशल मीडिया से हिंदू सम्मेलन का वीडियो भी डिलीट कर दिया। बचाव में उन्होंने परिजनों को आगे किया।
सीएम से मिल चुके हैं पृथ्वीपुर विधायक
वहीं दूसरी ओर पृथ्वीपुर विधायक नितेन्द्र सिंह की पिछले दिनों एक समारोह में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से चर्चा हुई थी। इसके फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इस तस्वरी को उनके दलबदल से जोड़कर बताया जा रहा है। इस बीच अटकलों को निराधार बताते हुए कहा कि ऐसी बातों का कोई औचित्य नहीं हैं। मुख्यमंत्री प्रदेश के मुखिया हैं, उनसे सत्ता पक्ष के विधायक भी मिलते हैं और विपक्ष के विधायक भी मिलते हैं। विपक्ष का विधायक यदि मुख्यमंत्री से मिलता है तो इसीलिए मिलता है ताकि जनता के हितों का ध्यान रख सके। राठौर ने कहा कि जनता के लिए मुझे प्रधानमंत्री से मिलना पड़े या किसी केन्द्रीय मंत्री से मिलना पड़े तो उनसे भी मिलूंगा। इसमें क्या गलत है?
वर्तमान विधानसभा में कांग्रेस के तीन विधायक बदल चुके है पाला
उल्लेखनीय है कि वर्तमान विधानसभा में अभी तक कांग्रेस के 3 विधायकों ने दलबदल किया है। इनमें दो विधायक श्योपुर जिले के विजयपुर से रामनिवास रावत और छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा से कमलेश शाह इस्तीफा देकर भाजपा के टिकट पर उपचुनाव लड़ चुके हैं। इनमें शाह चुनाव जीत गए, जबकि रावत चुनाव हार गए। जबकि सागर जिले की बीना विधायक निर्मला सप्रे की विधायकी का मामला दो साल से विधानसभा अध्यक्ष और न्यायायल के बीच लंबित है। जिसमें 27 फरवरी से पहले फैसला होने की संभावना है। क्योंकि इस मामले की 27 फरवरी को उच्च न्यायालय में सुनवाई होना है। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष को अपना निर्णय देना होगा।
कमलेश शाह बनेंगे मंत्री!
अमरवाड़ा से उपचुनाव जीतकर भाजपा विधायक बने कमलेश शाह मोहन मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री बनाए जा सकते हैं। मोहन मंत्रिमंडल का विस्तार मई-जून में होने की संभावना है। ऐसे में माना जा रहा है कि मोहन मंत्रिमंडल से कुछ मंत्री बाहर होंगे, तब कमलेश शाह का मंत्री बनाया जा सकता है। जब शाह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए थे, तब भी उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल करने की चर्चा थी। उल्लेखनीय है कि कमलेश शाह भी जनजाति राजवंश से आते हैं।
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