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नई दिल्ली। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विदेश की धरती पर देश की आलोचना करने पर लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की आलोचना की है। उन्होंने जेएनयू में लगाए गए आपत्तिजनक नारे और दिल्ली दंगे के आरोपियों को जमानत न मिलने पर प्रतिक्रिया दी है।
अर्जुन राम मेघवाल ने एक बातचीत में कहा कि पिछले कुछ सालों का राहुल गांधी का रिकॉर्ड देखेंगे तो विदेश की धरती पर वह भारत की आलोचना करते हैं। वह एक कार्यक्रम आयोजित करवाते हैं, जिसमें कुछ बच्चे और प्रोफेसर शामिल होते हैं। इसमें वह भारत की संवैधानिक संस्था चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट, सीबीआई, ईडी और कभी-कभी लोकतंत्र की भी आलोचना कर देते हैं, जो कि उन्हें शोभा नहीं देती है।
बिहार की जनता ने राहुल को दिया जवाब
उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि देश की जनता कांग्रेस को लगातार चुनाव हरा रही है, तो उन्हें सोचना चाहिए कि भाजपा की नीतियां ठीक हैं। देश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। राहुल गांधी जो भी मुद्दा उठाते हैं, उस पर चर्चा करने से भागते हैं। एसआईआर पर जब चर्चा हो रही थी, तब वह कहां थे? बिहार में उन्होंने एसआईआर का मुद्दा उठाया तो जनता ने उन्हें अच्छा जवाब दिया। इसके बाद भी उन्हें कुछ समझ में नहीं आ रहा है।
जेएनयू में नारे पर लगने पर भी मेघवाल ने दी प्रतिक्रिया
कानून मंत्री ने कहा कि जेएनयू में जो नारे लगाए गए हैं, वे आपत्तिजनक हैं। जेएनयू प्रशासन उस पर अपना काम कर रहा है, लेकिन मैं कुछ तथ्य सामने रखता हूं कि कुछ लोग कहते हैं कि उसमें मुस्लिम थे, इसलिए इनको जमानत नहीं मिल रही, लेकिन इसी मामले में इनमें से पांच आरोपियों को जमानत मिली है, और वे भी मुस्लिम थे।
उन्होंने कहा कि न्यायपालिका कुछ फैसले करती है, चाहे सुप्रीम कोर्ट हो या हाईकोर्ट। अगर आपको फैसला सही नहीं लगता है तो लीगल रेमेडी में जाना चाहिए। जो इस तरह के नैरेटिव क्रिएट करने का प्रयास कर रहे हैं, वह लोकतंत्र में उचित नहीं है। इस मामले में जेएनयू प्रशासन काम कर रहा है। बाबा साहब अंबेडकर कहकर गए हैं कि हमें संवैधानिक अधिकारों को लेकर सचेत रहना है और उसके तहत ही हमें काम करना है। अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि कांग्रेस तो तुष्टिकरण पर ही जिंदा है।
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