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भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख डाॅ. मोहन भागवत शुक्रवार से दो दिन के भोपाल दौरे पर रहेंगे। अपने इस दौरे के दौरान वह कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर और रवींद्र भवन में होने वाले कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
मोहन भागवत 2 और 3 जनवरी को भोपाल में अलग-अलग सेशन में सामाजिक और धार्मिक नेताओं, युवाओं और महिलाओं की सभा को संबोधित करेंगे। संघ प्रमुख शुक्रवार को युवा संवाद और प्रमुखजन गोष्ठी करेंगे। इसके बाद, शनिवार को सामाजिक सद्भाव बैठक और शक्ति संवाद होगी। भोपाल में आरएसएस के एक सीनियर पदाधिकारी के अनुसार, प्रांत के सभी 31 जिलों (प्रशासनिक ढांचे के अनुसार 16 जिले) के युवा, जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में खास योगदान दिया है और पहचान बनाई है, इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
इस दौरान संघ प्रमुख पिछले 100 वर्ष की संघ यात्रा के साथ देश के मौजूदा हालातों पर चर्चा करते हुए युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सहयोगी बनने का आह्वान करेंगे। बता दें कि शताब्दी वर्ष के प्रसंग पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का देशभर में प्रवास हो रहा है। इस कड़ी में भोपाल में आयोजित कार्यक्रमों में 3 जनवरी तक सहभागी बनेंगे।
समर्थ युवा थीम से सजा आयोजन स्थल
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत की यात्रा को देखते हुए आयोजन स्थल कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन हाल में व्यापक तैयारियां की गई हैं। पूरे परिसर को समर्थ युवा थीम पर सजाया गया है। जगह-जगह इसके होर्डिंग लगाये गये हैं। जिसमें ऑपरेशन सिंदूर, मंगलयान और वैश्विक मंच पर भारत का उल्लेख प्रमुख रूप से शामिल है। इसके साथ ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। कार्यक्रम में सिर्फ आमंत्रित व्यक्तियों का ही प्रवेश सुनिश्चित किया गया है।
यह रहेंगे कल के कार्यक्रम
दूसरे दिन 3 जनवरी यानी कल सुबह 9ः30 बजे कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सामाजिक सद्भाव बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें प्रांत के सभी जिलों से विभिन्न समाजों के प्रमुख प्रतिनिधि भोपाल पहुंचेंगे। बैठक का उद्देश्य सामाजिक एकता, समरसता और पारस्परिक सहयोग को मजबूत करना है। सरसंघचालक इस मंच से समाज को जोडने वाले विचारों और साझा जिम्मेदारियों पर मार्गदर्शन देंगे।
शक्ति संवाद: मातृशक्ति से सीधा संवाद
इसी दिन 3 जनवरी को शाम 5 बजे भोपाल की प्रमुख मातृ शक्ति के साथ शक्ति संवाद कार्यक्रम करेंगे। इस संवाद में समाज, परिवार और राष्ट्र निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका पर चर्चा की जाएगी। यह कार्यक्रम महिला सहभागिता और सामाजिक नेतृत्व के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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